पंथ रत्न अकाली कौर सिंह जी निहंग की 73वीं बरसी श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाई गई

The 73rd death anniversary of Panth Ratna Akali Kaur Singh Ji Nihang was celebrated with reverence and respect.


कठुआ, 18 जनवरी । कठुआ के ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण कमल साहिब बाख्ता में पंथ रत्न अकाली कौर सिंह जी निहंग की 73वीं बरसी गहरी धार्मिक श्रद्धा और सादगी के साथ मनाई गई। इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में अखंड पाठ साहिब का आयोजन किया गया, जिसके भोग उपरांत भव्य दीवान सजाया गया।

दीवान के दौरान जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी कठुआ के रागी भाई बलजीत सिंह तथा जम्मू से पधारे भाई बहादुर सिंह ने मधुर कीर्तन के माध्यम से संगत को गुरु चरणों से जोड़ा और निहाल किया। कार्यक्रम में मुख्य प्रचारक जमीत सिंह ने पंथ रत्न अकाली कौर सिंह जी निहंग के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अकाली कौर सिंह जी ने सिख कौम के प्रचार-प्रसार और सिख मर्यादा की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। गुरु सोभा, रत्न प्रकाश और सुखसागर जैसी महान रचनाएं उनकी अमूल्य धरोहर हैं। साथ ही वे सिख रहित मर्यादा लागू करने वाली कमेटी के अहम सदस्य रहे, जिसके कारण आज भी उनके विचारों और सिद्धांतों को सिख समाज में विशेष सम्मान दिया जाता है।

इस अवसर पर जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह भोला ने भी अकाली कौर सिंह जी निहंग द्वारा समाज और पंथ के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम का समापन गुरु के अटूट लंगर के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष सरदार कुलदीप सिंह, महासचिव सरदार परवीन सिंह, कोषाध्यक्ष सरदार दलजीत सिंह सहित सरदार भूपिंदर सिंह, सरदार हरभजन सिंह, सरदार कश्मीर सिंह, सरदार हरमीत सिंह व अन्य गणमान्य सदस्य और संगत उपस्थित रही।

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