जम्मू-कश्मीर की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक ज्ञान वह अदृश्य शक्ति है जो सामाजिक विकास को गति प्रदान करेगी-उपराज्यपाल
- Neha Gupta
- Jan 13, 2026

जम्मू, 13 जनवरी । उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को गांधी मेमोरियल कैंप कॉलेज रायपुर, जम्मू में हिंदू एजुकेशन सोसाइटी कश्मीर द्वारा प्रकाशित ‘संगरमल’ पत्रिका के विशेष अंक का विमोचन किया।
अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विरासत एवं शिक्षा को एक सशक्त सूत्र के रूप में उपयोग करने पर बल दिया जिससे समृद्ध भविष्य की रूपरेखा तैयार हो सके। उन्होंने सामुदायिक संबंधों को मजबूत करने के लिए करुणा, विनम्रता और दृढ़ता जैसे मूल्यों को आत्मसात करने पर जोर दिया।
उपराज्यपाल ने कहा, “तेजी से हो रहे तकनीकी विकास और वैश्वीकरण के इस युग में हमारी शाश्वत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, हमारे साझा विश्वास, परंपराएं, कलाएं, रीति-रिवाज और मूल्य समाज को आकार देंगे और राष्ट्र के समग्र विकास को गति प्रदान करेंगे।” उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक ज्ञान वह अदृश्य शक्ति है जो सामाजिक विकास को गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत एक गतिशील संपदा है। वैदिक काल से ही पारंपरिक मूल्य हमारे मार्गदर्शक सिद्धांत रहे हैं जिन्होंने समग्र विकास के लिए नैतिक आधारशिला रखी है।”
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए हमारे नागरिकों को और अधिक नवोन्मेषी बनना होगा, अनुसंधान और विकास में बड़ी छलांग लगाने के लिए बौद्धिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा, रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देना होगा और विरासत में निवेश करना होगा।” उपराज्यपाल ने संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारियों और शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए हिंदू शिक्षा सोसायटी, कश्मीर के समर्पित प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर पद्म श्री डॉ. के.एन. पंडिता, अटल दुल्लू, मुख्य सचिव, प्रो. बी.एल. जुत्शी, अध्यक्ष, हिंदू शिक्षा सोसायटी कश्मीर, राम निवास शर्मा, आयुक्त सचिव, विद्यालय शिक्षा; हिंदू शिक्षा सोसायटी कश्मीर के पदाधिकारी और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख नागरिक उपस्थित थे। डॉ. अशोक भान सदस्य श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड; प्रो. (डॉ.) प्रगति कुमार कुलपति एसएमवीडीयू; कुलदीप खोड़ा पूर्व डीजीपी; डॉ. अरविंद कारवानी राहत और पुनर्वास (एम) आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी भी लॉन्च समारोह में उपस्थित थे।



