नववर्ष पर भक्तों के सैलाब ने तोड़े रिकॉर्ड, लिया बरसाना की श्रीराधा का आशीर्वाद

राधा नाम की गूंज से बरसाना भक्तिरस में डूबा, ठंड और हल्की बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की आस्था

मथुरा, 01 जनवरी(हि.स.)। बरसाना में गुरुवार नववर्ष की पहली भोर आस्था का उत्सव बनकर आई। राधा रानी के भक्त सुबह से ही मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए, जहां मधुर भजनों की धुन पर कदम थिरकते रहे। मंजीरों की झंकार, ढोलक की थाप और राधा नाम की गूंज से पूरा कस्बा भक्तिरस में डूबा रहा। दिन चढ़ने के साथ आस्था का यह प्रवाह और गहराता चला गया। दोपहर करीब 12 बजे अचानक आसमान का मिजाज बदला और इंद्र देव ने मेघमालाएं खोल दीं। हल्की बारिश की फुहारों ने मानो जैसे भक्तों पर आशीष बरसाया। भींगे वस्त्र और ठंडी हवा के बीच भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। गलियों से लेकर मंदिर मार्ग तक नाचते-गाते बढ़ते भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। मंदिर पहुंचकर भी भजनों का प्रवाह थमा नहीं। दर्शन की प्रतीक्षा में खड़े भक्त ताल और स्वर में राधा रानी की महिमा गाते रहे। बारिश थमने के बाद भी भक्ति की गर्माहट बनी रही। बरसाना ने फिर यह जता दिया कि यहां नववर्ष का स्वागत शोर से नहीं, बल्कि राधा नाम, भजन और मेघों के आशीष से होता है।

इस दौरान श्रृंगार आरती के दौरान दो युवती भीड़ के दबाव में दब गई गनीमत रही वक्त रहते लोगों ने उन्हें भीड़ से बाहर निकाला। इस दौरान व्यवस्था बिगड़ते देख पुलिस कर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित किया। सुबह लेकर देर शाम तक राधारानी मंदिर पर जनसैलाब उमड़ता रहा। भीड़ को देख पुलिस के पसीने छूट रहे थे। वहीं दोपहर ढाई बजे के बाद राधारानी मंदिर के पट बंद कर दिए। इस दौरान सफेद छतरी से लेकर बड़ी सिंह पौर तक श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ गया। भीड़ इस कदर थी कि सफेद छतरी से लेकर दादी बाबा मंदिर तक श्रद्धालुओं से सीढ़ियां खचाखच भरी हुई थी। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसपी देहात सुरेश चंद रावत स्वयं मय फोर्स के तैनात थे। व्यवस्था बिगड़ते देख राधारानी मंदिर के पट शाम साढ़े चार बजे की जगह शाम चार बजे खोल दिया गया। इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देख पुलिस कर्मियों के भी हाथ पैर फूल गए। इस दौरान रस्सा लगाकर टुकड़ियों में श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा था। देर रात्रि तक श्रद्धालुओं का रेला लाडली के महल में उमड़ता रहा।

गुरुवार शाम सेवायत उमाशंकर गोस्वामी ने बताया कि ठंड के चलते राधारानी को गर्म वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं। वहीं उनके भोग प्रसाद में मेवा व केसर का उपयोग किया जा रहा है। रोजाना सुबह उन्हें खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। नवबर्ष के चलते सभी का नया साल अच्छा गुजरे इसके लिए भक्त लाडली के महल में झूमते नजर आए।

दो दिन में छह लाख श्रद्धालुओं ने किए राधारानी के दर्शन

नववर्ष पर इस बार भीड़ ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। मंगला व श्रृंगार आरती के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु सीढ़ियों पर एकत्र थे। दो दिन में करीब पांच से छह लाख लाख श्रद्धालुओं ने राधारानी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने वनवे कर रखा था। इस दौरान हमारो प्यारो बरसाना गेट से श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया जा रहा था। वहीं जयपुर मंदिर मार्ग से नीचे उतारा जा रहा था। सुदामा चौक पर भीड़ का दबाव न बने इसके लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं को रोका जा रहा था। वहीं साउंड सिस्टम से श्रद्धालुओं को संबोधित किया जा रहा था। भीड़ होने पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को ज्यादा देर रोका नहीं जा रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार