हमीरपुर-कानपुर हाईवे पर दस दिन में तीन चालकों की मौत

हमीरपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के खूनी हाईवे पर 10 दिन के अंदर तीन चालकों की मौत होने से यह साबित हो गया है कि इस हाइवे पर चलना सिर में कफन बांधकर चलने के समान है।

गत 1 जनवरी को रात करीब 8 बजे उद्योग नगरी सुमेरपुर के समीप एक डंफर ऑटो को टक्कर मारकर ऑटो को दो किलोमीटर घसीट ले गया था। इस घटना में ऑटो चालक अंकित कुशवाहा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। दूसरी घटना 3 जनवरी की रात करीब 11.30 बजे की है। इसमें डंफर चालक ट्रक को टक्कर मार कर अनियंत्रित होकर डाकघर के समीप डॉक्टर वीएन सिंह के क्लीनिक में जा घुसा था। इस घटना में डंपर चालक रिंकू कुढ़ाने की दर्दनाक मौत हो गई थी। अभी यह दोनों हादसे लोगों के जेहन से उबर नहीं पाए थे। इसी बीच बीती रात हाईवे में सीमेंट फैक्ट्री के पास दो डंपरों की आमने-सामने हुई भिडंत में डंपर चालक विकास सिंह निवासी सुरौली बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई।

थाना सुमेरपुर क्षेत्र के अंदर दस दिन में तीन चालकों की मौत से यह साबित हो गया है कि खूनी हाईवे में चलना खतरे से खाली नहीं है और किसी भी वक्त मौत का सामना करना पड़ सकता है। सुमेरपुर थाना प्रभारी अनूप सिंह ने रविवार काे तीनाें घटनाओं की पुष्टि करते हुए आमजन से अपील की कि यातायात नियमाें का पालन कर वाहन चलाएं और सुरक्षित घर पहुंचे।

बताते चलें कि कानपुर-हमीरपुर हाइवे काे सागर हाइवे के नाम से जाना जाता है और वाहनाें के अधिक लाेड़ हाेने के चलते लंबे समय से मांग की जा रही है कि इसकाे फोर लेन किया जाए। इस हाइवे पर सुमेरपुर थाना क्षेत्र ही नहीं कानपुर से लेकर हमीरपुर तक में शायद ही ऐसा कोई सप्ताह होता हाेगा, जिसमें हादसों की वजह से लोगों की जान न जाती हो। इसीलिए लोगों के बीच इस हाइवे को खूनी हाइवे के नाम से भी जाना जाता है और इस हाइवे पर चलने से लाेग मानसिक रूप से स्वस्थ्य नहीं रह पाते।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा