दासपुर ट्रैफिक पुलिस ने बच्चों को सिखाया जीवन बचाने का सबक

पश्चिम मेदिनीपुर, 19 जनवरी (हि. स.)। “उंगली कट जाने पर इंसान बच सकता है, लेकिन सिर के बिना इंसान नहीं बच सकता”—इसी सहज और प्रभावशाली संदेश के माध्यम से हरिरामपुर में स्कूली बच्चों के बीच ट्रैफिक जागरूकता का प्रसार किया गया। सोमवार सुबह 11 बजे दासपुर ट्रैफिक ओसी मृणालकांति सिकदार एवं सब-इंस्पेक्टर देवाशीष पात्र ने बेहद सरल भाषा और उदाहरणों के जरिए बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियमों से अवगत कराया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने हेलमेट पहनने, सड़क पार करते समय ज़ेब्रा क्रॉसिंग के उपयोग, ट्रैफिक सिग्नल मानने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने पर विशेष ज़ोर दिया। बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरण देकर समझाया गया कि सावधानी ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।

ट्रैफिक पुलिस के इस जागरूकता अभियान को छात्रों और शिक्षकों ने सराहा। शिक्षकों का कहना था कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में शुरू से ही अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं, जो भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता