सारण में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पीएलवी का प्रशिक्षण संपन्न

छपरा, 13 जनवरी (हि.स.)। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार सारण के तत्वावधान में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण पुनीत कुमार गर्ग द्वारा की गई।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पुनीत कुमार गर्ग, सचिव ब्रजेश कुमार, मुख्य शल्य चिकित्सा पदाधिकारी के प्रतिनिधि डॉ के.एम. दुबे, डीपीओ और पूर्णेन्दु रंजन द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पारा विधिक स्वयं सेवकों को बाल विवाह रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों और व्यावहारिक चुनौतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि बच्चों के मौलिक अधिकारों का हनन भी है।

प्रशिक्षण के के दौरान 'बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम' के तहत दंड और कानूनी उपचारों पर विस्तृत चर्चा, कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया गया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें और बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को दें इसकी जानकारी दी गई, प्रशिक्षण ले रहे प्रतिभागियों ने अपने अनुभवों को साझा किया और विशेषज्ञों से सवाल पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया। प्रशिक्षण के समापन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ब्रजेश कुमार ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य सारण जिले को पूरी तरह से बाल विवाह की कुरीति से मुक्त करना है। इस अभियान की सफलता आप सभी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी पर टिकी है। उक्त अवसर पर जिले के कई न्यायिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि और भारी संख्या में स्वयं सेवक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार