शिमला : टनल निर्माण से घरों को खतरा, मंत्री ने लिया जायजा, डीसी ने बनाई कमेटी

शिमला, 10 जनवरी (हि.स.)। शिमला के चलौंठी क्षेत्र में फोरलेन टनल निर्माण से पैदा हुए हालात का शनिवार को पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। टनल के भीतर हो रही ब्लास्टिंग के कारण कई रिहायशी मकानों में दरारें आ गई हैं। इससे लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। स्थिति को गंभीर मानते हुए उपायुक्त शिमला ने नुकसान के आकलन के लिए एक जांच कमेटी का गठन कर दिया है।

बीती रात हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने एहतियातन एक बहुमंजिला भवन को खाली करवाया था। इसके साथ ही आसपास के अन्य मकानों को भी खतरे की जद में बताया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को देर रात ही सुरक्षित स्थान पर किसान भवन में शिफ्ट किया गया। प्रशासन की ओर से मौके पर पुलिस और अन्य विभागों की टीमों को तैनात किया गया।

शनिवार सुबह मंत्री अनिरुद्ध सिंह चलौंठी पहुंचे और क्षतिग्रस्त भवनों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी परेशानियां सुनीं और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। मंत्री ने एनएचएआई अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को तुरंत राहत दी जाए और मुआवजा प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न की जाए।

मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि फोरलेन परियोजना से प्रभावित लोगों की समस्याएं लंबे समय से सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि टनल निर्माण में की जा रही ब्लास्टिंग के कारण यहां 2 से 3 मकानों को खाली करवाना पड़ा है, जबकि आसपास और ऊपर की ओर बने अन्य मकानों को भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वह पहले भी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बात कर चुके हैं।

टनल निर्माण का असर सिर्फ मकानों तक सीमित नहीं रहा है। संजौली-ढली बाईपास सड़क के किनारे भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से इस सड़क को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। इससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं प्रभावित परिवारों ने एनएचएआई पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी निर्माण कार्य से हो रहे नुकसान की शिकायतें दी थीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि लगातार हो रही ब्लास्टिंग से उनके घरों की हालत खराब हो गई और अब जान का खतरा पैदा हो गया है।

इस बीच उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने नुकसान के आकलन के लिए एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर ही प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि फिलहाल फोरलेन निर्माण कार्य को पूरी तरह से रोक दिया गया है।

उपायुक्त ने यह भी कहा कि स्टेट जियोलॉजिस्ट को नुकसान के कारणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं और वह भी अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह में सौंपेंगे। शनिवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप ने स्वयं चलौंठी पहुंचकर प्रभावित घरों का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा