भव्य योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में दो आधुनिक औद्योगिक पार्क स्थापित होंगे

जम्मू। स्टेट समाचार
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मंगलवार को भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के तहत जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सांबा के पेखरी और श्रीनगर के नौगाम में प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर चर्चा करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को तकनीकी जांच शीघ्र पूरी कर प्रस्ताव 31 जुलाई तक भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (बिजली एवं वित्त), उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव, सिडको के प्रबंध निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने कहा कि डीपीआर को पावर डेवलपमेंट विभाग और लोक निर्माण विभाग (आरएंडबी) से तकनीकी रूप से परखा जाए, ताकि सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप मजबूत और व्यवहारिक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जा सकें। उन्होंने भूमि हस्तांतरण और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी), परियोजना क्रियान्वयन व्यवस्था और दीर्घकालिक प्रबंधन ढांचे पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से वैधानिक मंजूरियां और तकनीकी स्वीकृतियां सुनिश्चित करने को कहा। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार की 'भव्य' योजना के तहत वर्ष 2026-27 से 2031-32 के बीच देशभर में 100 अत्याधुनिक प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनमें पहले चरण में 50 पार्क स्थापित किए जाएंगे। योजना के तहत पात्र परियोजनाओं के लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की केंद्रीय सहायता का प्रावधान है।
बैठक में बताया गया कि पेखरी (सांबा) में लगभग 83.97 एकड़ क्षेत्र में 211.64 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा, जबकि नौगाम (श्रीनगर) में 50 एकड़ क्षेत्र में 104.02 करोड़ रुपये की लागत से पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। सांबा परियोजना मुख्य रूप से एमएसएमई, लाइट इंजीनियरिंग, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और आईटी आधारित सेवाओं पर केंद्रित होगी, जबकि नौगाम परियोजना बागवानी मूल्य श्रृंखला, खाद्य प्रसंस्करण, लाइट मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देगी। प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में विकसित औद्योगिक भूखंड, आंतरिक सड़कें, बिजली एवं जलापूर्ति व्यवस्था, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, डिजिटल कनेक्टिविटी, गोदाम, फैक्ट्री शेड, परीक्षण प्रयोगशालाएं, आईटी टावर, श्रमिक आवास, स्वास्थ्य एवं डे-केयर सुविधाएं, कौशल विकास केंद्र और हरित अवसंरचना जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद परियोजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।