पौड़ी गढ़वाल, 17 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी द्वारा विकसित भारत जी राम जी की जिला स्तरीय कार्यशाला श्रीनगर स्थित आदिती पैलेस में हुई। कार्यशाला के मुख्य वक्ता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट रहे। कार्यक्रम में जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। शनिवार को कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम के साथ किया गया। इसके बाद भाजपा जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत ने स्वागत संबोधन देते हुए मुख्य वक्ता महेंद्र भट्ट सहित दूर-दराज से आए सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया।
जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत ने अपने संबोधन में बताया कि यह विकसित भारत जी राम जी की जिला स्तरीय कार्यशाला है, जबकि आगामी 25 जनवरी को पौड़ी में जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिले के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, जिले एवं विकासखंडों के जनप्रतिनिधि भाग लेंगे। बताया कि 27 जनवरी से 10 फरवरी तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। कमल किशोर रावत ने विकसित भारत जी राम जी की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण आत्मनिर्भरता, रोजगार एवं आजीविका को सशक्त करता है और प्रत्येक गरीब को सम्मान के साथ रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य करता है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी संपूर्ण कैबिनेट का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि मनरेगा समाप्त नहीं हुई है, बल्कि इसे और अधिक सुव्यवस्थित व प्रभावी बनाया गया है। बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत उन्नत रोजगार की गारंटी दी गई है, जिसमें 15 दिन तक कार्य न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है। रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। बताया कि अधिनियम के तहत स्थायी एवं उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह योजना ग्रामीण विकास, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और आजीविका को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाती है। मुख्य कृषि सीजन के दौरान कृषि श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारें अधिकतम 60 दिनों तक कार्य रोकने की सूचना दे सकेंगी, जिससे लेबर कॉस्ट में अनावश्यक वृद्धि रुकेगी और खाद्य उत्पादन लागत नियंत्रित रहेगी।
उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर एवं आपदा निवारण को चार प्रमुख प्राथमिकताएं दी गई हैं। साथ ही आधुनिक तकनीक जैसे बायोमेट्रिक सत्यापन, मोबाइल आधारित मॉनिटरिंग, रियल टाइम डैशबोर्ड, एआई आधारित एनालिटिक्स का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्ष में दो बार सोशल ऑडिट अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इस मौके पर
कार्यक्रम संयोजक जिला महामंत्री महिपाल नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, जिला महामंत्री गणेश भट्ट, पूर्व जिला अध्यक्ष संपत रावत, जिला उपाध्यक्ष गिरीश पैन्यूली, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रमिला भंडारी आदि शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह



