छोटे निवेशकों काे मात्र 3000 में 99 साल की लीज पर मिलेंगे औद्योगिक भू-खंड
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- Jan 08, 2026
- उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीति को मिलेगी मजबूती, बढ़ेगा निवेश
मीरजापुर, 08 जनवरी (हि.स.)। अब उद्योग लगाने का सपना केवल बड़े पूंजीपतियों तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने महज 3000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से औद्योगिक भू-खंड उपलब्ध कराकर छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए उद्योग की नींव रखने का ऐतिहासिक अवसर दिया है। जेम पोर्टल के माध्यम से 99 वर्षों की लीज पर हो रहे औद्योगिक भू-खंडों के आवंटन ने निवेश को नई दिशा और स्थानीय उद्यमिता को मजबूत आधार देने का काम किया है।
जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय उत्तर प्रदेश (कानपुर) की ओर से राजकीय औद्योगिक आस्थानों में उपलब्ध औद्योगिक भू-खंडों और शेडों का आवंटन अब जेम पोर्टल के माध्यम से ई-ऑक्शन प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा।
यह आवंटन 99 वर्षों की दीर्घकालिक लीज पर किया जाना है, जिससे निवेशकों को स्थायित्व और भरोसा दोनों मिलेगा। सरकार की इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और तकनीक आधारित बनाना है। ई-नीलामी व्यवस्था से न केवल बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, बल्कि छोटे और मध्यम उद्यमियों को भी समान अवसर प्राप्त होगा।
3000 रुपये प्रति वर्ग मीटर से शुरू होगी बोली
संयुक्त आयुक्त ने बताया कि औद्योगिक भू-खंडों की बेस रेट मात्र 3000 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखी गई है, जो निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक मानी जा रही है। इससे प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
निवेशकों के लिए ई-नीलामी का पूरा शेड्यूल
औद्योगिक भू-खंडों की ई-नीलामी के लिए जारी समय-सारणी के अनुसार पंजीकरण छह जनवरी 2026 सुबह 10 बजे से 19 जनवरी 2026 शाम 5 बजे तक किया जा सकेगा। 10 प्रतिशत ईएमडी जमा करने की अवधि 27 जनवरी 2026 शाम 7 बजे से 01 फरवरी 2026 शाम 6 बजे तक निर्धारित है। वहीं ई-नीलामी बोली 05 फरवरी 2026 दोपहर 2 बजे से 06 फरवरी 2026 दोपहर 2 बजे तक चलेगी। पंजीकरण और बोली की पूरी प्रक्रिया www.gem.gov.in एवं forwardauction.gem.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी।
नियम और शर्तें
निदेशालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ई-नीलामी से जुड़ी सभी नियम एवं शर्तें क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे इच्छुक उद्यमी आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ समय की भी बचत होगी।
प्रदेश की औद्योगिक नीति को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीति को मजबूती देगी। 99 वर्षों की लीज व्यवस्था निवेशकों को दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे वे बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश के लिए प्रोत्साहित होंगे। इससे न केवल नए उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और राजस्व वृद्धि को भी बल मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा



