आजमगढ़ में चीनी कनेक्शन वाली साइबर ठगी का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार
- Admin Admin
- Jan 15, 2026


-वेबसाइट पर प्रोडक्ट बूस्ट करने के नाम पर अधिक लाभ का देते थे लालच
आज़मगढ़, 15 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। टेलीग्राम के माध्यम से चीनी साइबर अपराधियों के लिए काम करने वाले इस गिरोह के पास से नकदी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक दस्तावेज और एक लग्जरी वाहन बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार इससे पहले इसी गिरोह के चार अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने गुडम्बा लखनऊ से अभिषेक गुप्ता और शाश्वत अवस्थी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 6 लाख 32 हजार 320 रुपये नकद, 11 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, 9 चेकबुक, 2 पासबुक, एक आधार कार्ड, कैश काउंटिंग मशीन, स्कॉर्पियो वाहन, नेपाल का जारी एक विदेशी सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। सभी बरामद सामान को विधिक प्रक्रिया के तहत सील कर वाहन को सीज कर दिया गया है।
पुलिस लाइन में एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि यह मामला 18 सितंबर 2025 का है, जब रौनापार थाना क्षेत्र के गांगेपुर निवासी भूपेन्द्रनाथ यादव ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पुत्र आर्यन यादव को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां एक कंपनी के लिए काम कराने और वेबसाइट पर प्रोडक्ट बूस्ट करने के नाम पर अधिक लाभ का लालच दिया गया। इसके बाद अभियुक्तों ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 12 लाख 64 हजार 249 रुपये जमा कराकर ठगी कर ली।
मामले में थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ पर मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान पहले 27 अक्टूबर 2025 को गिरोह से जुड़े चार अंतर्राज्यीय अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इसी क्रम में बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे दो अन्य शातिर अभियुक्तों अभिषेक गुप्ता पुत्र अरुण गुप्ता, निवासी 2/750 जानकीपुरम, सेक्टर-एच, लखनऊ, (गिरोह का मुख्य संचालक, चीनी साइबर अपराधियों का संपर्ककर्ता) और शाश्वत अवस्थी पुत्र दीप राज अवस्थी, निवासी – संजय गांधी पुरम, फैजाबाद रोड, इंदिरा नगर, लखनऊ को गुडम्बा लखनऊ से गिरफ्तार किया गया।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि जांच में सामने आया कि अभियुक्त टेलीग्राम आईडी के जरिए चीनी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहकर ठगी की रकम भारतीय बैंक खातों में मंगवाते थे। इसके बाद एटीएम और चेक के माध्यम से नकद निकासी कर उस धनराशि को USDT क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीनी हैंडलरों को भेजा जाता था। एसपी ग्रामीण ने बताया कि मुख्य अभियुक्त अभिषेक गुप्ता अब तक करीब 10 से 15 करोड़ रुपये की रकम क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित कर चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव चौहान



