मीरजापुर के दोहरे हत्याकांड की परतें खुलीं, तीन दिन बाद सील मकान की हुई जांच

मीरजापुर, 15 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर मड़िहान कस्बे में तीन दिन पूर्व हुए सनसनीखेज दोहरे हत्या कांड की जांच गुरुवार को तेज हो गई। थाना प्रभारी मड़िहान बालमुकुंद मिश्र पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मृतका ऊषा गुप्ता की बेटी व दामाद की मौजूदगी में बंद मकान का ताला खुलवाया। इसके बाद उस कमरे और स्थल की बारीकी से जांच की गई, जहां निर्मम वारदात को अंजाम दिया गया था।

जांच के दौरान उस बिस्तर के पास रखी जैकेट से देशी शराब के दो भरे पाउच बरामद हुए, जिस पर मृतक आयुष गुप्ता सो रहा था। इससे आशंका जताई जा रही है कि आयुष नशे की हालत में था और इसी का फायदा उठाकर आरोपी राहुल ने उस पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। बेटे की चीख-पुकार सुनकर बगल के कमरे में सो रही मां ऊषा बचाने पहुंची तो आरोपी ने उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया। हालांकि ऊषा के कमरे में किसी तरह की तोड़फोड़ या संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं।

थाना प्रभारी बालमुकुंद मिश्र ने मृतका की बड़ी बेटी संध्या और दामाद राजकुमार के बयान दर्ज किए। बयान के दौरान संध्या ने आरोप लगाया कि उसके सौतेले भाई राहुल ने जमीन क्रेता रामप्रसाद और उसकी पत्नी सुषमा के साथ मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया है। संध्या ने बताया कि तीनों आरोपी पहले भी मां और भाई को रास्ते से हटाने की धमकी दे चुके थे, जिसकी शिकायत थाने में की गई थी, लेकिन बाद में समझौता हो जाने से किसी को इतनी बड़ी घटना की आशंका नहीं थी। जांच के बाद पुलिस ने घर की चाभी बेटी और दामाद को सौंप दी। थाना प्रभारी ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा