कागजों में ‘मृत’, हकीकत में जिंदा… समाधान दिवस में महिला का फूटा दर्द, सभागार में पसरा सन्नाटा

मीरजापुर, 17 जनवरी (हि.स.)। मड़िहान तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गया, जब न्याय की आस में भटक रही एक महिला का सब्र जवाब दे गया। तेज आवाज, आंसुओं और आक्रोश के बीच महिला ने खुद को जिंदा बताते हुए जो कहानी सुनाई, उसे सुनकर सभागार कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गया।

समाधान दिवस में कुल 43 फरियादी पहुंचे थे, जिनमें से मौके पर केवल पांच मामलों का निस्तारण किया गया। इसी बीच सुमन पत्नी राम सिंह, निवासी भरूंहां खैराही (वर्तमान पता करौदा) ने महिला अधिकारियों के सामने आरोप लगाया कि ब्लॉक कर्मियों ने उसे कागजों में मृत घोषित कर दिया, जबकि वह जीवित है।

सुमन ने बताया कि वह हरदी मिश्र गांव निवासी राम आसरे की इकलौती पुत्री है। 12 सितंबर 2022 को पिता ने उसके नाम दो बीघा जमीन का दान पत्र किया था। इसके बाद जमीन को लेकर विवाद बढ़ा और आरोप है कि पिता की सगी बहन ने जमीन हड़पने की नीयत से सुमन को मृत दिखाने की साजिश रची। यही नहीं, सुमन की मां गीता, जो जीवित हैं, उन्हें भी नाम बदलकर परिवार रजिस्टर में ‘पार्वती’ बताकर मृत दर्ज कर दिया गया।

महिला के तीखे सवालों और भावनात्मक बयान के बीच सभागार में सन्नाटा छा गया। आखिरकार अधिकारियों को मौके पर ही निस्तारण के निर्देश देने पड़े। आश्वासन मिलने के बाद सुमन के चेहरे पर उम्मीद की झलक दिखी कि अब उसका मामला सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर सुलझेगा।

इस दौरान तहसीलदार एके पाण्डेय, नायब तहसीलदार राहुल कुमार मिश्र, खंड विकास अधिकारी वीरेंद्र वर्मा समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा