कानपुर : गंगा किनारे मिला डॉल्फिन का शव, पोस्टमार्टम कराने को लेकर हो रहा मंथन

कानपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। जाजमऊ गंगा तट पर देर शाम एक डॉल्फिन का शव मृत अवस्था में पाया गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से शव का पोस्टमार्टम कराने को लेकर अधिकारियों में मंथन चल रहा है। हालांकि जलीय जीव की मौत गंगा में प्रदूषण की वजह से हुई है बात से इनकार किया गया है। यह जानकारी शनिवार को डॉल्फिन वन विभाग रेंजर राकेश पांडेय ने दी।

जाजमऊ थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगा किनारे करीब दस फीट लंबी और साढ़े तीन क्विंटल वजनी डॉल्फिन का शव पाया गया था। स्थानीय और नाविकों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने वन विभाग की सहायता से डॉल्फिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मौके पर मौजूद नाविकों ने बताया कि शुक्रवार देर शाम उन्हें गंगा में कुछ तैरता हुआ दिखाई दिया। हालांकि पहले उन्हें लगा कि गंगा का किनारा है और आस पास टेरियां हैं। उन्ही से निकला हुआ कूड़ा कचरा होगा। इसलिए किसी ने भी ध्यान नहीं दिया लेकिन देर रात अचानक डॉल्फिन का शव गंगा किनारे आकर लग गया। आनन-फानन में घटना की सूचना पुलिस को दी गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने वन विभाग को भी बुला लिया। वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

गंगा में प्रदूषण की वजह से जलीय जीव की मौत की आशंका जताई जा रही थी लेकिन वन विभाग के रेंजर राकेश पांडेय ने इस बात से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि यदि ऐसा होता तो इसका असर अन्य जलीय जीवों में भी दिखाई देता। इसलिए डॉल्फिन की मौत को लेकर अभी भी संदेह बना हुआ है। पोस्टमॉर्टम होने के बाद ही मौत का सही कारण का पता लग सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप