लखनऊ, 09 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में जनपद हरदोई के जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकान्त को शासकीय कार्यों में शिथिलता बरतने और नियमों के उल्लंघन के आरोपों में निलंबित कर दिया गया है। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के निर्देश पर हुई यह कार्रवाई की गई है।
इन आरोपों में हुई कार्रवाई
1- जनपद हरदोई में संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों (चठिया धनवार और कछौना) में 14 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और 2 इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर को श्रम संविदा के आधार पर तैनात किया जाना था। इन कर्मचारियों की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से सेवा प्रदाता फर्म का चयन किया जाना था। जांच में पाया गया कि सेवा प्रदाता फर्म के चयन की प्रक्रिया में शिथिलता बरती गई। आमंत्रित निविदा की फाइल करीब दो महीने देर से तैयार की गई और उसमें पात्र और अपात्र फर्मों की गलत जानकारी देकर उसे उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया।
गरीबी उन्मूलन के लिए संचालित जीरो पॉवर्टी योजना के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र पाए गए 1219 परिवारों के सापेक्ष महज 116 परिवारों के आवेदन ही पोर्टल पर दर्ज पाए गए। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की प्रगति रिपोर्ट में चयनित ग्रामों के सापेक्ष सभी जरूरी सर्वे फॉर्म समय पर प्राप्त नहीं करवाए गए। जनसमस्याओं के समाधान के लिए आयोजित समाधान दिवस के संचालन में भी उदासीनता और लापरवाही बरती गई।
आदेश के अनुसार, इसे उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 और उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 का उल्लंघन मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले की जांच के लिए उप निदेशक जे राम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या अनियमितता को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दीपक



