वाराणसी : मणिकर्णिका घाट पर वृहद शवदाह घाट योजना के लिए लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वाराणसी, 16 जनवरी(हि. स.)। वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर वृहद शवदाह घाट योजना के लिए स्थानीय लोगों के मिली-जुली प्रतिक्रिया एवं असर देखने को मिल रहा है। मणिकर्णिका घाट पर बहुत जल्द चिताओं के जलाने के लिए वृहद शवदाह घाट मिलेगा, जिसके लिए आगामी ग्राफिक को जिला प्रशासन और रूपा फाउंडेशन ने तैयार कर लिया है। इस ग्राफिक को तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल भी किया जा रहा है।

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर तारकेश्वर मंदिर के पीछे चाय की दुकान चलाने वाले कमल ने कहा कि छह दिनों पूर्व में बगल में बुलडोजर से घाट के कुछ हिस्से को खाली किया गया। घाट के कुछ हिस्से हटाने के बाद से बहुत सारे लोग यहां तोड़-फोड़ वाली जगह देखने आ रहे हैं। मणिकर्णिका घाट की तस्वीर बदले और यहां चिताओं को जलाने की व्यवस्था और भी अच्छी हो जाएं, यह तो हर एक बनारसी चाहता है।

जौनपुर जिले के मड़ियाहूं से चिता लेकर आए मन्नीलाल और उनके साथियों ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर चिताओं के जलाने में आने वाली समस्याएं बहुत हैं। स्थान की कमी को जो वाराणसी का प्रशासन दूर करने जा रहा है तो यह सराहनीय कदम है।

वाराणसी घूमने आए दक्षिण भारत के मणि रत्नम के परिवार ने कहा कि बनारस की खूबसूरती देखने के बाद वे अंतिम यात्रा के घाट को देखने आए हैं। यह पहली बार वे आए हैं और यहां मणिकर्णिका घाट के इतिहास को जानकर उन्हें प्रसन्नता हुई है। साथ ही, नवीन डेवलपमेंट से और भी विकास की रोशनी दिख रही है। मणिकर्णिका घाट को और भी सुंदर बनाना चाहिए।

वाराणसी में दुर्गाकुंड निवासी गौरव ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर जो आज तस्वीर दिखाई दे रही है, आने वाले समय में सब कुछ बदला हुआ दिखाई देगा। इस बदलाव में काशी का एक और मंदिर हटाया गया है। उनका जिला प्रशासन से आग्रह है कि बिना मंदिरों के तोड़-फोड़ किए विकास कार्य को कराया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद