उत्तर प्रदेश में नए साल में नया बिजली कनेक्शन हुआ सस्ता, नई काॅस्ट डाटा बुक जारी, उपभाेक्ताओं काे कई राहत

लखनऊ, 01 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में अब नया बिजली कनेक्शन लेना पहले से सस्ता हो गया है। इस निर्णय से स्मार्ट प्रीपेड मीटर सिंगल फेस की कीमत 6016 रुपये की जगह 2800 रुपये हाे गई है, जबकि थ्री फेस स्मार्ट प्रीपेड की कीमत 11342 की जगह 4100 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा इस्टीमेट व्यवस्था समाप्त हो गई है और फिक्स चार्ज के जरिए कनेक्शन मिलेगा। इसके साथ ही 40 मीटर तक कनेक्शन देने की पुरानी व्यवस्था भी पुराने दिनों की बात हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन के मामले में बड़ी राहत देते हुए नई कॉस्ट डाटा बुक जारी की है। गुरुवार काे नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार एवं सदस्य संजय कुमार सिंह ने नई कॉस्ट डाटा बुक जारी की। अब नया बिजली कनेक्शन लेने में आसानी रहेगी। जैसे अब 150 किलोवाट तक के कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए अब 300 मीटर की दूरी तक किसी प्रकार का एस्टीमेट नहीं बनेगा। इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड रिव्यू पैनल की सब-कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिए गए हैं।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमतों में कटौती नई कॉस्ट डाटा बुक में उत्तर प्रदेश विद्युत आयोग के कई प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया गया है। खासताैर पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर की लागत को 8000 रुपये से अधिक रखने के प्रस्ताव को आयोग ने मंजूरी नहीं किया। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश उपभोक्ता परिषद की मांग स्वीकार करते हुए सिंगल फेस स्मार्ट प्रीपेड मीटर 2800 रुपये , थ्री फेस स्मार्ट प्रीपेड मीटर 4100 रुपये तय कर दी, जबकि इससे पहले विद्युत आयोग द्वारा सिंगल फेस मीटर के लिए 6016 रुपये और थ्री फेस मीटर के लिए 11342 रुपये थी।

अतिरिक्त वसूली गई राशि लौटानी होगी9 सितंबर 2025 से नए विद्युत कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य कर विद्युत आयोग अधिक राशि वसूल रहा था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब पूरे प्रदेश के उपभोक्ताओं से की गई लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त वसूली विद्युत आयोग को वापस करनी होगी।

एस्टीमेट सिस्टम और भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुशकंज्यूमर राइट्स रूल 2020 की धारा 4 (उपधारा 13) के तहत कॉस्ट डाटा बुक को नए स्वरूप में अंतिम रूप दिया गया है। इससे बिजली कनेक्शन से जुड़ा एस्टीमेट सिस्टम खत्म होगा। नई व्यवस्था में प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी राशि, मीटरिंग चार्ज सहित सभी शुल्क एकमुश्त तय कर दिए गए हैं। उपभोक्ता को केवल निर्धारित राशि जमा करनी होगी, शेष सभी तकनीकी व्यवस्थाएं विद्युत विभाग स्वयं करेगा।

150 किलोवाट तक, 300 मीटर तक बिना झंझट कनेक्शननई कॉस्ट डाटा बुक के तहत 150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए ट्रांसफार्मर, पोल या कंडक्टर जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं की चिंता उपभोक्ता को नहीं करनी होगी। विभाग को 300 मीटर की दूरी तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं खुद करनी होंगी। कनेक्शन दूरी को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें 0 से 100 मीटर, 101 से 300 मीटर और 301 मीटर से अधिक (अलग से एस्टीमेट) शामिल हैं।

नई कालोनियों में देना होगा सिर्फ मीटरिंग शुल्कनई कास्ट डाटा बुक-2025 के अनुसार अविकसित गैर-विद्युतीकृत कॉलोनियों के निवासियों को केवल मीटरिंग शुल्क का भुगतान करना होगा। बुनियादी ढांचे के नाम पर लिए जाने वाला शुल्क खत्म कर दिया गया है।

उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभराज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं सप्लाई कोड रिव्यू पैनल की सब-कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली कनेक्शन के एस्टीमेट बनाने की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार व्याप्त है। एक जैसे मामलों में अलग-अलग एस्टीमेट बनाकर उपभोक्ताओं से वसूली हाेती थी, लेकिन अब इस पर अंकुश लगेगा। उन्हाेंने बताया कि 2 किलोवाट का घरेलू उपभोक्ता यदि 100 मीटर तक कनेक्शन लेता है तो अब उसे केवल 5500 रुपये जमा करने होंगे। इसी प्रकार 300 मीटर दूरी पर स्थित उपभोक्ता को 7555 रुपये जमा करने पर कनेक्शन मिल जाएगा। पहले ऐसे मामलों में खंभे, ट्रांसफार्मर और अन्य व्यय के नाम पर राशि लीे जाती थी। इसके साथ ही नई व्यवस्था में गरीब एवं बीपीएल उपभोक्ता मीटर मूल्य का भुगतान में किस्त में कर सकेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह