पंच परिवर्तन को लेकर देश भर में आरएसएस कर रहा मंथन : आशीष सिंह

सीआईसी में मनाई गई विवेकानंद जी की जयंती

चित्रकूट‌‌, 12 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में कर्वी स्थित चित्रकूट इंटर कॉलेज में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनायी गयी। इस अवसर पर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ रणवीर सिंह चौहान और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिला कार्यवाह आशीष कुमार सिंह एवं नगर कार्यवाह विजय कुमार ने स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर नमन किया।

प्रार्थना सभा में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य ने छात्र-छात्राओं से कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने जीवन को सफल बनाने के लिए स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का प्रयास करना चाहिए।

जिला कार्यवाह आशीष कुमार सिंह ने विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। इनका बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त था। बचपन से ही वह बहुत ही कुशाग्र बुद्धि के थे। स्वामी जी की जयंती के अवसर पर संघ अपने शताब्दी वर्ष भारत देश में परिवर्तन लाने की दिशा में पांच विषयों को लेकर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

उन्होंने पांच परिवर्तन के बारे में बताया कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता छुआछूत समाप्त करना एक नदी एक तालाब एक श्मशान एक मंदिर ऐसा भाव हर व्यक्ति में विकसित हो, हर व्यक्ति में स्व का भाव जागृत हो, स्वामी जी स्वानुशासन, स्वाध्याय स्वदेशी यानी कोई भी व्यक्ति जब बाजार जाए तो उसके मन में यह भाव आए कि मुझे कपड़े का थैला लेकर जाना है। सड़क पर निकलें और बाइक लेकर जाएं तो मन में आना चाहिए कि हमें हेलमेट लगाकर ही बाइक चलाना है। सार्वजनिक जगह पर पान गुटखा खाकर थूकना नहीं है, हर जगह गंदगी नहीं फैलाना है। अपने से बड़ों का सम्मान करना है। माता-पिता, गुरु का प्रातः काल पैर छूकर आशीर्वाद लेना है। यही स्वामी विवेकानंद जी के विचार थे। यही उनमें राष्ट्र के प्रति भाव थे हम सभी युवाओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रतन पटेल