राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला स्तर पर किए गए तीसरे चरण के समायोजन को निरस्त करने की उठाई मांग

-शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की शिक्षक के रूप में गणना करना गलत : राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ- सरप्लस शिक्षकों के निर्धारण में जिलों में भिन्नता से शिक्षकों में रोष - बिना कार्यमुक्त कार्यभार ग्रहण कराए यू-डायस पर बदल दिए विद्यालय

लखनऊ, 04 जनवरी 2026 (हि.स.)। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश प्राथमिक संवर्ग ने शिक्षकों के तीसरे चरण के समायोजन में की गई अनियमितताओं को उजागर करते हुए समायोजन को निरस्त करने की मांग की है। महासंघ ने शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियाें काे ज्ञापन भी प्रेषित किया है।

प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों के शैक्षिक सत्र 2025-26 में तीसरे चरण के समायोजन में शिक्षक विहीन व एकल विद्यालयों में सरप्लस अध्यापकों को समायोजित करने के आदेश शासन द्वारा दिये गए थे, जिसके क्रम में जिला स्तर पर गठित समिति के द्वारा अन्तःजनपदीय स्थानान्तरण व समायोजन की कार्यवाही 30 दिसंबर 2025 तक सम्पन्न की जानी थी, परन्तु जनपद स्तर पर समायोजन में भारी अनितामितायें की गयी हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद स्तर पर सरप्लस शिक्षकों का निर्धारण एवं विद्यालय आवंटन में एकरूपता न होकर मनमाने तरीके से अलग-अलग मानक अपनाये गए हैं, जिससे कई जनपदों में वरिष्ठ शिक्षक तथा कई जनपदों में कनिष्ठ शिक्षकों को सरप्लस मानकर समायोजित कर दिया गया है। समायोजन में संविदा पर कार्यरत शिक्षामित्रों व अनुदेशकों की गणना शिक्षक के रूप में की गई है, जो पूर्व में निर्गत विभागीय आदेशों के विरुद्ध है। प्रदेश के कुछ जनपदों में सरप्लस शिक्षकों से विकल्प लेकर विद्यालय आवंटित किये गए हैं, जबकि तो कुछ जनपदों में बिना विकल्प लिए ही गुपचुप तरीके से शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में समायोजित कर दिया गया है।

प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने बताया कि प्रदेश के कुछ जनपदों में एक बंद विद्यालयों को खोलने के लिए दूसरे विद्यालय को एकल कर शिक्षक भेज दिया गया, जबकि अन्य विद्यालयों में संख्या पर्याप्त थी, वहाँ से शिक्षक नहीं लिया गया। समायोजित शिक्षकों को विद्यालय से कार्यमुक्त व कार्यभार ग्रहण कराये बिना ही यू-डायस पोर्टल पर उनके विद्यालय बदल दिये गए हैं, जो कि बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश में अब तक स्थापित विभागीय व्यवस्था के एकदम विपरीत है।

प्रदेशीय मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि संगठन द्वारा जनपद स्तर पर किये गए नियमविरुद्ध समायोजन को निरस्त करने और त्रुटियों को दूर कराकर एक समान पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के उपरान्त ही समायोजन की कार्यवाही करने की मांग अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, बेसिक शिक्षा निदेशक व सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को ज्ञापन भेजकर की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह