उप्र प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का किया दौरा, दूरदृष्टि और राष्ट्रीय भूमिका की सराहना
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- Jan 01, 2026
गांधीनगर, 01 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर एम. बोबड़े के नेतृत्व में गुरुवार को एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) का दौरा किया।
इस प्रतिनिधिमंडल में हाई कोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय (एचबीटीयू), डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू ) और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के कुलपति शामिल थे। इस दौरे का उद्देश्य शैक्षणिक सहयोग की संभावनाओं का आकलन करना और देश के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में आरआरयू की बढ़ती भूमिका को समझना था।
प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी गई कि आरआरयू की स्थापना नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की दूरदृष्टि के तहत की गई है। यह पुलिसिंग, आंतरिक सुरक्षा, रणनीतिक अध्ययन, फोरेंसिक विज्ञान, साइबर सुरक्षा और नेतृत्व विकास के लिए समर्पित देश का पहला राष्ट्रीय विश्वविद्यालय है।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के अत्यधुनिक बुनियादी ढांचे का अवलोकन किया, जिसमें उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं, अनुसंधान केंद्र और तकनीक-सक्षम प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इन चर्चाओं के दौरान आरआरयू के उस विशिष्ट शैक्षणिक मॉडल पर प्रकाश डाला गया, जो नीति, व्यवहार और प्रौद्योगिकी को एकीकृत करता है। इसी कारण आरआरयू पुलिस, अर्धसैनिक बलों, सिविल सेवकों और सुरक्षा पेशेवरों के क्षमता निर्माण का एक राष्ट्रीय केंद्र बनकर उभरा है।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनंदी पटेल ने अपने कार्यालय के माध्यम से आरआरयू की तेज प्रगति और इसके बढ़ते राष्ट्रीय प्रभाव की सराहना की। यह भी कहा गया कि आरआरयू सुरक्षा शिक्षा के क्षेत्र में एक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है और ‘विकसित भारत @2047’ तथा अमृत काल की परिकल्पना के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस संवाद के माध्यम से यह भी दोहराया गया कि शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी निकायों के बीच सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और नवाचार के जरिए भारत की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे



