वन विभाग की कार्रवाई पर सपा का विरोध, आदिवासियों के कथित उत्पीड़न के जांच की मांग

मीरजापुर, 05 जनवरी (हि.स.)। लालगंज तहसील अंतर्गत तेंदुआ खुर्द गांव में वन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को पत्रक सौंपते हुए आदिवासी ग्रामीणों के साथ हुए कथित अन्याय की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने उपजिलाधिकारी अजीत को सौंपे पत्रक में आरोप लगाया कि शनिवार तड़के करीब पांच बजे वन विभाग के कर्मी बिना पुलिस और राजस्व विभाग को सूचना दिए जंगल क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंचे। इस दौरान मौके पर मौजूद आदिवासी पुरुषों के साथ मारपीट की गई और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। सपा नेताओं का कहना है कि जिस भूमि पर कार्रवाई की गई, उस पर दो दर्जन से अधिक आदिवासी परिवारों को विधिवत पट्टा आवंटित है। इसके बावजूद कोल आदिवासी समुदाय की खड़ी फसल को नष्ट कर दिया गया। पार्टी का दावा है कि तेंदुआ खुर्द गांव के आदिवासी परिवार करीब 50 वर्षों से वहां निवास कर रहे हैं, खेती-बाड़ी कर रहे हैं और अपने उपयोग के लिए कुएं भी खुदवा रखे हैं।

इसके बावजूद वन विभाग की तहरीर पर लालगंज थाने में सात नामजद और 50 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसे सपा ने पूरी तरह अन्यायपूर्ण बताया है। जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने आदिवासी महिलाओं पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने और दोषी वनकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा