वाराणसी: किसान फूल मंडी में अब फूल विक्रेताओं से सीधे होगा करार, 62 ने किया आवेदन

— नगर निगम के साथ अनुबंध कर वैधानिक रूप से माला-फूल बेच सकेंगे व्यापारी

​-अवैध वसूली और आर्थिक शोषण पर लगेगी लगाम, 500 किसानों को मिलेगा लाभ

वाराणसी, 15 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी मलदहिया-इंग्लिशिया लाइन स्थित किसान फूल मंडी को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के बाद नगर निगम ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत अब तक द्वितीय पाली के 62 माला फूल विक्रेताओं ने निगम के साथ अनुबंध के लिए आवेदन कर दिया है। इन विक्रेताओं के सामने आने के बाद अब उन्हें जल्द ही मंडी में वैधानिक रूप से व्यापार करने की अनुमति दी जाएगी।

नगर निगम प्रशासन को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में आवेदन करने वाले कारोबारियों की संख्या 100 के पार पहुंच जाएगी। ​​अनुबंध की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नगर निगम के नायब तहसीलदार स्वयं माला-फूल विक्रेताओं से सम्पर्क बनाए हुए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को हटाकर सीधे निगम और व्यापारियों के बीच अनुबंध कराना है। इससे जहां विक्रेताओं का आर्थिक शोषण बंद होगा, वहीं निगम की आय में भी निश्चित रूप से वृद्धि होगी। इस व्यवस्था से करीब 500 किसानों और व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा। ​​

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि यह भूमि रक्षा संपदा विभाग के स्वामित्व में है और नगर निगम के प्रबंधाधीन है। उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया है कि मंडी परिसर में नियमों के अनुसार किराया वसूली और प्रबंधन की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। यदि भविष्य में किसी ने भी इस भूमि पर दोबारा अवैध कब्जे का प्रयास किया, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ​​

सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के अनुसार पूर्व में विक्रेताओं से होने वाली अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अनुबंध की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विक्रेताओं के पास कानूनी मान्यता होगी, जिससे वे बिना किसी भय के अपना कारोबार कर सकेंगे। राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया है कि वह आवेदन करने वाले सभी कारोबारियों का सत्यापन कर जल्द से जल्द अनुबंध की कार्रवाई पूरी करें।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी