बनारस की पत्रकारिता का निर्भीक स्वर मौन हो गया

—काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार गोपेश पांडेय के निधन पर श्रद्धांजलि सभा

वाराणसी, 13 जनवरी (हि.स.)। काशी के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार गोपेश पांडेय का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि यह काशी की पत्रकारिता परंपरा को लगी एक गहरी चोट है। उनके जाने से जो शून्य बना है, उसे भर पाना आसान नहीं होगा। वे उन विरले पत्रकारों में थे जिनके लिए पत्रकारिता पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक नैतिक जिम्मेदारी थी। काशी पत्रकार संघ की ओर से मंगलवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पत्रकारिता, राजनीति, शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े लोगों ने उनकी स्मृतियों को साझा किया और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर मौजूद वक्ताओं ने कहा कि गोपेश पांडेय ने हमेशा ईमानदारी, निर्भीकता और मूल्यपरक पत्रकारिता को अपने जीवन का मूलमंत्र बनाया। सच कहने के लिए उन्होंने कभी समझौता नहीं किया। न सत्ता का भय, न पद का लोभ। वे न कभी डरे, न झुके। जब बात सिद्धांतों की आई, तो उन्होंने प्रबंधन के सामने भी मजबूती से अपना पक्ष रखा। यही कारण था कि वे सम्मान के साथ-साथ भरोसे का नाम बन गए। एक पत्रकार के रूप में ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और प्रतिबद्ध नागरिक के रूप में भी उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पत्रकारों की एकजुटता, अधिकारों और गरिमा के लिए निरंतर संघर्ष किया। वे युवा पत्रकारों के लिए मार्गदर्शक थे। जो सिखाते थे कि खबर से पहले इंसान और सच सबसे ऊपर होता है। काशी पत्रकार संघ में उन्हें दी गई श्रद्धांजलि केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं थी, बल्कि वह उस सम्मान और प्रेम की अभिव्यक्ति थी, जो शहर के पत्रकारों, गणमान्य नागरिकों, विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संस्थाओं के लोगों के हृदय में उनके लिए था। हर आंख नम थी, हर शब्द में अपनापन और हर मौन में गहरा दुख। गोपेश पांडेय भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनकी निर्भीक कलम, मूल्यनिष्ठ सोच और साहसी विरासत हमेशा बनारस की पत्रकारिता को दिशा देती रहेगी। वे स्मृतियों में नहीं, सिद्धांतों में जीवित रहेंगे। अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने की। संचालन महामंत्री जितेन्द्र श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद स्मृतिशेष गोपेश पाण्डेय के भाई राघवेश पाण्डेय ने दिया।

इस मौके पर प्रो. राममोहन पाठक, एमएलसी धर्मेन्द्र राय, प्रो. सतीश राय, प्रो, अनिल उपाध्याय, रजनीश त्रिपाठी, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह पटेल, गोपेश की बेटी आकांक्षा पाण्डेय, बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव व शिव कुमार सिंह, समाजवादी चिंतक विजय नारायण, अरविन्द किशोर राय, संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त, राजनाथ तिवारी, केडीएन राय, बीबी यादव, डॉ अत्रि भारद्वाज, आशीष बागची, लक्ष्मीकांत द्विवेदी, विश्वनाथ गोकर्ण, डॉ दयानन्द, शुभाकर दुबे, अखिलेश मिश्र, एके लारी, कुमार अजय, रत्नाकर त्रिपाठी आदि की मौजूदगी रही।

—पंडित गोपेश पाण्डेय स्मृति पुरस्कार की घोषणा

बीएचयू विधि संकाय के प्रो. क्षेमेन्द्र मणि त्रिपाठी ने अपने शोक संदेश में अपने पिता स्व. प्रो. हरिहर नाथ त्रिपाठी की जयंती समारोह में पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े लोगों को हर वर्ष गोपेश पाण्डेय स्मृति पुरस्कार देने की घोषणा की। वहीं दूसरी ओर सीबीआई के पूर्व डिप्टी एसपी राघवेन्द्र सिंह, बीएचयू के पूर्व प्रो. बीआर गुप्ता ने शोक संदेश भेज कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी