स्वामी विवेकानंद ने कहा था, मैं विश्व में युद्ध होता देख रहा हूं : प्रो.रजनीश शुक्ला
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- Jan 12, 2026
रानी भवानी जय नारायण बालिका विद्यालय में मनायी गई स्वामी विवेकानंद जयंती
वाराणसी, 12 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में रामापुरा स्थित रानी भवानी जय नारायण बालिका विद्यालय में साेमवार काे स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रो. रजनीश शुक्ला, अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक प्रभाकर, विशिष्ट अतिथि राजेश तिवारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि प्रो. रजनीश शुक्ला ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने 1893 में कहा था, मैं विश्व में युद्ध होता देख रहा हूं। उस वक्त इस कल्पना को उन्होंने कैसे सोचा था। बाद में महायुद्ध होता है। आज भी ऐसा युद्ध चल रहा है और हमें आज स्वामी विवेकानंद को याद करना पड़ रहा है। स्वामी जी ने कल्पना की थी, हिन्दू जीवन की। हिन्दू जीवन, जो भारतीय दृष्टि से जुड़ा है। उसे ही धर्म की दृष्टि कहते हैं। मनुष्य मूल्यों का निर्धारण करता है और उस पर चलने की तैयारी करता है तो वह ही धर्म दृष्टि है। जो धर्म के अनुरूप जीवन जीता है, यही मनुष्यता है। इस तरह के महान संदेश देने वाले महान सन्यासी की जयंती आज है, जिसे मनाने के लिए हम यहां पर जुटे हैं। 1893 में स्वामी विवेकानंद ने जो विषय बिंदु तय किया था, उसे आज 2026 में भी लेकर चलना होगा।
इससे पहले विशिष्ट अतिथि राजेश तिवारी ने कहा कि 39 वर्ष की अवस्था में स्वामी विवेकानंद ने भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाया। मानव सेवा को ही स्वामी जी ने सबसे बड़ा धर्म माना। भाषा, शिक्षा को लेकर स्वामी विवेकानंद ने देश और दुनिया का मार्गदर्शन किया। मैकाले की शिक्षा पद्धति पर स्वामी जी प्रहार करते थे। उसी भाव से प्रधानमंत्री मोदी ने मैकाले शिक्षा पद्धति को समाप्त करने का लक्ष्य लिया है। स्वामी जी ने नारी शक्ति को पूजने का चरित(आचरण) दिया था। जो नारी को पूजता नहीं है, वह आगे बढ़ नहीं सकता है। वह कहते थे, जो कुछ सोचो, उसे पाने के लिए डूब जाओ, लक्ष्य पाए बिना रुको नहीं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रचारक प्रभाकर ने कहा कि केवल आज का कार्यक्रम सुनकर चला जाना है, या कुछ अपने जीवन में परिवर्तन भी होगा। एक व्यक्ति, एक लक्ष्य के रूप में हमें अपने काे खपाना पड़ेगा। हम हिन्दू आज हर देश से भागने को मजबूर हो रहे हैं। जिसे हमने बनाया, उस बांग्लादेश से भी हिन्दू समाज भाग रहा है। हम हिन्दू धर्म के लिए क्या कर सकते हैं, उसे सोचना होगा। कार्यक्रम का संचालन राजीव पाण्डेय और धन्यवाद ज्ञापन बृजलाल ने किया।
कार्यक्रम में पत्रकार शरद बाजपेई, विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ता देव कुमार राजू, रामलखन गुप्ता छोटू, जितेंद्र लालवानी, आरएसएस के वरिष्ठ कार्यकर्ता सत्यनारायण पीपलवा, संघ प्रचारक कृष्ण मोहन सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद



