वेनेजुएला कार्रवाई को लेकर ट्रंप पर अमेरिका में ही उठे सवाल, डेमोक्रेट सांसदों ने की कड़ी आलोचना
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- Jan 04, 2026
वॉशिंगटन, 04 जनवरी (हि.स.)। वेनेजुएला में अमेरिकी सेना की कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही इसे “यूएस आर्मी का सबसे शानदार ऑपरेशन” बता रहे हों, लेकिन इस फैसले पर अब उन्हें अपने ही देश में तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। खास तौर पर कई भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप के इस कदम को अवैध, असांविधानिक और राष्ट्रपति शक्तियों का दुरुपयोग करार दिया है।
सांसदों का कहना है कि ट्रंप ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की अनुमति के बिना वेनेजुएला में सैन्य बल का इस्तेमाल किया, जो अमेरिकी संविधान और युद्ध अधिकार कानूनों का सीधा उल्लंघन है। उनका आरोप है कि यह कदम अमेरिका को एक और अंतहीन और अनावश्यक युद्ध की ओर धकेल सकता है।
हाउस परमानेंट सेलेक्ट कमेटी ऑन इंटेलिजेंस के वरिष्ठ सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि मादुरो भले ही तानाशाह हों और उन्होंने वेनेजुएला के लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया हो, लेकिन इससे किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी के बिना सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार नहीं मिल जाता।
कृष्णमूर्ति ने कहा कि बिना संसद की अनुमति के कार्रवाई कर और खुले तौर पर किसी संप्रभु देश पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा कर ट्रंप राष्ट्रपति शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा, संभावित हताहतों और पूरे ऑपरेशन की जानकारी तुरंत कांग्रेस के सामने रखे।
डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना ने इस कार्रवाई को सत्ता परिवर्तन के लिए छेड़ा गया मनमाना युद्ध बताया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अपने “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” (MAGA) समर्थकों के साथ विश्वासघात किया है। खन्ना ने सवाल उठाया कि यदि चीन ताइवान या रूस यूक्रेन में इसी तरह की कार्रवाई करे, तो अमेरिका किस आधार पर आपत्ति करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका बार-बार विदेशी युद्धों में उलझता रहा है, जबकि देश के भीतर रोजगार, महंगाई और जीवन-यापन जैसी गंभीर समस्याएं नजरअंदाज होती रही हैं।
डेमोक्रेट सांसद प्रमिला जयपाल ने भी ट्रंप की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि वे अमेरिका को सही ढंग से नहीं चला पा रहे, लेकिन अब वेनेजुएला चलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह अवैध और असांविधानिक बताते हुए कहा कि युद्ध को अधिकृत करने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है। जयपाल के मुताबिक मादुरो का तानाशाह होना किसी देश पर हमला करने, आधी रात को अपहरण करने और सत्ता परिवर्तन थोपने का लाइसेंस नहीं हो सकता।
अमेरिकी प्रतिनिधि अमी बेरा ने भी बिना कांग्रेस की सहमति सैन्य हमला शुरू करने के फैसले को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि स्पष्ट रणनीति और योजना के बिना यह कदम अमेरिका को एक और लंबे और जटिल संघर्ष में फंसा सकता है।
भले ही राष्ट्रपति ट्रंप वेनेजुएला ऑपरेशन को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रहे हैं, लेकिन अमेरिकी राजनीति के भीतर यह मुद्दा अब संवैधानिक अधिकारों, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अमेरिका की विदेश नीति की दिशा को लेकर एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय



