उत्तरकाशी, 18 जनवरी (हि.स.)। माघ मेले आ रही देव डोलियों से ग्रामीणों ने बारिश और बर्फबारी के लिए गुहार लगाई है। काश्तकारों ने चमाला की चौरी पर बाड़ागड्डी क्षेत्र की देव डोलियां पहुंची। बाड़ागड्डी के आराध्य हरि महाराज के ढोल, खंडद्धारी देवी, हूणेश्वर महाराज, नागदेवता और शंकर देवता के त्रिशूल ने चमाला की चौरी पर नृत्य किया। साथ ही ग्रामीणों ने कई दिनों से क्षेत्र में बारिश न होने पर आराध्य हरि महाराज से बारिश की गुहार लगाई। वहीं देव डोलियों ग्रामीणों को समस्या का समाधान करना का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि बारिश और बर्फबारी न होने से हालात ऐसे हैं कि खेतों में दरारें पड़ गई हैं और किसान बुआई तक नहीं कर पा रहे हैं।हालात ऐसे ही बने रहें तो फसलें पूरी तरह से चौपट हो सकती हैं, जिससे सीधा असर आमदनी पर पड़ेगा।
इस स्थिति से सबसे ज्यादा चिंता सेब उत्पादक किसानों को है। पिछले साल भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब की बागवानी कुछ खास बेहतर नहीं रही थी। उस दौरान तेज बारिश के कारण नुकसान हुआ और बाजार तक सेब पहुंचाना भी मुश्किल हो गया, जिससे किसानों को आर्थिक झटका लगा लेकिन इस बार हालात और भी गंभीर हैं, क्योंकि सेब की अच्छी फसल होने को लेकर ही संदेह बना हुआ है।
बता दें कि गंगोत्री -यमुनोत्री और बद्रीनाथ - केदारनाथ धाम जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों के पहाड भी सूखे और बर्फहीन दिख रहे हैं। बर्फबारी और बारिश न होने से हिमालय में हाहाकार मच गया हैं।
सर्दी बीतने वाली हैं, लेकिन हिमालय की चोटियां बिना बर्फ के खाली पड़ी हैं । काश्तकार बारिश को लेकर चिंतित हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल



