जन्म लेते ही मां से बिछड़ा नवजात हाथी, वन प्रभाग की टीम ने किया रेस्क्यू

हरिद्वार, 19 जनवरी (हि.स.)। घने जंगलों में उस समय हड़कंप मच गया, जब गश्त पर निकले वन कर्मियों को जंगल में एक नवजात हाथी शिशु पड़ा मिला। तुरंत टीम ने हाथी शिशु को रेस्क्यू किया और उच्च अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और जंगल में हाथी शिशु का उपचार शुरू किया।

रविवार को दिन में श्यामपुर रेंज के खारा के जंगल हाथी शिशु बरामद हुआ था। शिशु की मां का इंतजार करने के बाद उसे डॉक्टरों की निगरानी में राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज के एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। हाथी शिशु का इलाज चल रहा है और उसको बचाने के प्रयास जारी हैं।

श्यामपुर रेंज के जंगलों में वनकर्मी गश्त कर रहे थे कि उन्हें खारा के पास जंगल में एक हाथी का नवजात शिशु दिखाई दिया। वनकर्मियों को पहली नजर में तो हाथी शिशु मृत लग रहा था। उसके पास जाकर देखा तो उसका शरीर ठंडा था और वह कीचड़ से सना हुआ था, जबकि पास ही जेर पड़ी होने से स्पष्ट हुआ कि हाथी शिशु का जन्म कुछ ही घंटे पहले रात में हुआ था। करीब से देखने पर वन कर्मियों को उसकी छाती में हलचल दिखाई दी।

शिशु सांस ले रहा था और आंखें खोलने की हल्की कोशिश कर रहा था। इस नाजुक स्थिति को देखते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, पशु चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुंची।

दिनभर वन विभाग की टीम शिशु की जान बचाने में जुटी रही। पशु चिकित्सकों ने उसे ठंड से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए। नवजात होने के कारण हाथी शिशु पूरी तरह से मां के दूध और शरीर की गर्माहट की जरूरत थी, लेकिन उसकी मां आसपास नहीं दिखाई दी। टीम ने आसपास के वन क्षेत्रों में हाथियों के झुंड की तलाश की गई, ताकि मां को खोजकर शिशु से मिलाया जा सके। इस दौरान एक हाथियों का झुंड, जिसमें एक हथिनी और उसका बच्चा भी शामिल था।

वन कर्मियों ने उम्मीद के साथ इंतजार किया, लेकिन वह हथिनी आगे बढ़ गई। जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वह हाथी शिशु की मां नहीं थी। वन विभाग की टीम ने जंगल में ही डेरा डाले रखा और मां के लौटने की हर संभव इंतजार किया गया, लेकिन हथिनी वापस नहीं लौटी। शाम होते ही तापमान में और गिरावट आने लगी। ऐसे में पीसीसीएफ की अनुमति के बाद नवजात शिशु को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर राजाजी टाइगर रिजर्व के चिल्ला स्थित एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर में शिफ्ट किया गया। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि हाथी के नवजात शिशु को चीला रेंज स्थित एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर में भेजा गया है। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। हाथी शिशु को स्वस्थ करने का का पूरा प्रयास जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला