सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत पार्क स्ट्रीट इलेक्ट्रिक आरएसएस का पुनर्स्थापन पूरा, मेट्रो को मिलेगी निर्बाध बिजली
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- Jan 18, 2026
नई दिल्ली, 18 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना के अंतर्गत पार्क स्ट्रीट इलेक्ट्रिक रिसीविंग सब स्टेशन (आरएसएस) के पुनर्स्थापन और पुनर्निर्माण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि से राजधानी की प्रमुख मेट्रो लाइनों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी और आने वाली मेट्रो परियोजनाओं को भी मजबूती मिलेगी।
डीएमआरसी द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पार्क स्ट्रीट आरएसएस का निर्माण वर्ष 2010 में दिल्ली मेट्रो के फेज-2 के दौरान किया गया था। यह आरएसएस एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और वायलेट लाइन (लाइन-6) को बिजली आपूर्ति करता था। वर्ष 2021–22 में सेंट्रल विस्टा परियोजना के निर्माण के चलते इस सब स्टेशन को हटाया गया। इसके बाद 2023 में सीपीडब्ल्यूडी द्वारा उपलब्ध कराई गई वैकल्पिक भूमि पर नए आरएसएस का निर्माण शुरू किया गया, जिसे दिसंबर 2025 में पूरा कर लिया गया।
नए आरएसएस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह इंद्रप्रस्थ से आर.के. आश्रम मार्ग तक प्रस्तावित सेंट्रल विस्टा मेट्रो लाइन (फेज-5ए विस्तार परियोजना) की भविष्य की बिजली जरूरतों को भी पूरा कर सके। इसमें सभी प्रमुख विद्युत उपकरणों को दोबारा स्थापित और चालू किया गया है, जिनमें 66 केवी पावर ट्रांसफॉर्मर, 66 केवी जीआईएस पैनल, 33 केवी पैनल और 25 केवी जीआईएस पैनल शामिल हैं। यह संयुक्त आरएसएस अब एयरपोर्ट लाइन, वायलेट लाइन के साथ-साथ आगामी सेंट्रल विस्टा मेट्रो लाइन को भी बिजली आपूर्ति करेगा। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 25 केवी फीडर भी उपलब्ध कराए गए हैं।
डीएमआरसी के अनुसार, नए आरएसएस का निर्माण अत्याधुनिक मानकों के अनुरूप किया गया है। इसमें उन्नत सब स्टेशन ऑटोमेशन सिस्टम, ऊर्जा-सक्षम वीआरएफ एयर-कंडीशनिंग सिस्टम और एलईडी लाइटिंग लगाई गई है। सुरक्षा के लिहाज से ट्रांसफॉर्मर और इलेक्ट्रिकल पैनलों के लिए ऑटोमैटिक फायर प्रोटेक्शन सिस्टम और पूरी तरह एड्रेसेबल फायर अलार्म सिस्टम लगाया गया है।
आरएसएस को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है और इसके लिए प्रमाणन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, परिसर में सोलर रूफटॉप पावर सिस्टम लगाने की योजना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कार्बन फुटप्रिंट भी कम किया जा सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी



