आईपीओ से मजबूत होगी एमएसएमई की वित्तीय सेहद, विस्तार को मिलेगी रफ्तार : रमेश अवस्थी

कानपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार एमएसएमई इकाइयों को शेयर बाजार के माध्यम से पूंजी जुटाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) के जरिए उद्योगों को जनता से सीधे निवेश प्राप्त करने का अवसर मिलता है, जो बैंक ऋण के विपरीत एक ऐसी इक्विटी पूंजी होती है जिस पर ब्याज चुकाने का बोझ नहीं होता। इससे उद्योगों की वित्तीय सेहद मजबूत होती है और वे विस्तार की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ते हैं। यह बातें सोमवार को कानपुर सांसद रमेश अवस्थी ने कही।

सांसद रमेश अवस्थी ने आज लैंडमार्क होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) आज भारतीय अर्थव्यवस्था का दूसरा मजबूत इंजन बनकर उभरा है। वित्तीय वर्ष 2025–2026 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार एमएसएमई क्षेत्र भारत की कुल जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जो देश की आर्थिक प्रगति का स्पष्ट संकेत है।

उन्होंने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई देश का दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है, जो वर्तमान में लगभग 28 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर रहा है। यह क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन में अग्रणी है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को भी सशक्त बना रहा है।

उन्होंने कहा कि कानपुर एमएसएमई का एक बड़ा और ऐतिहासिक हब रहा है। यहां टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग, प्लास्टिक, हैंडलूम और विविध लघु उद्योगों की सशक्त परंपरा है। इसी कारण लंबे समय से यह विचार था कि कानपुर क्षेत्र के उद्योगों के लिए एक ऐसा विशेष सेमिनार आयोजित किया जाए, जहां उन्हें पूंजी बाजार, निवेश और विकास के नए अवसरों की सीधी जानकारी मिल सके।

सांसद ने बताया कि कुछ माह पूर्व उन्होंने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई का दौरा किया था, जहां एनएसई के एमडी एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान से भेंट कर उन्हें कानपुर आने का निमंत्रण दिया गया। उन्होंने बिना किसी संकोच के इस आग्रह को स्वीकार किया, जो कानपुर के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को दर्शाता है।

उन्होंने जानकारी दी कि सात जनवरी को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होटल लैंडमार्क, कानपुर में यह महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इसमें कानपुर के सभी एमएसएमई उद्योगों के मालिकों, एमएसएमई से जुड़े संगठनों और उद्यमियों से सहभागिता का आग्रह किया गया है।

सांसद ने कहा कि इस सेमिनार के माध्यम से आशीष चौहान के साथ मिलकर कानपुर शहर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को और अधिक सशक्त बनाने, उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने तथा पूंजी बाजार से जोड़ने पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि कानपुर का समग्र विकास उनकी प्राथमिकताओं में है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार के अवसर, स्टार्टअप संस्कृति और निवेश का अनुकूल माहौल तैयार कर कानपुर को उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

अंत में सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि यह सेमिनार न केवल एमएसएमई उद्योगों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा, बल्कि कानपुर के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति देने का कार्य करेगा।

यह कार्यक्रम एक अनोखा आयोजन है जो प्रदेश में पहली बार किया जा रहा है ।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप