कानपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में कानपुर जनपद की कमिश्नरेट सजेती और किदवई नगर पुलिस ने संयुक्त रूप से मादक पदार्थों की बिक्री करने वाले गिरोह का फंडाफोड़ करते हुए महिला सरगना समेत पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से दो क्विंटल 12 किलो गांजा बरामद किया गया है। जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब ढाई करोड़ रुपये आंकी गयी है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शहर के कई इलाकों में काफी समय से मादक पदार्थों की खरीदफरोख्त की जानकारी मिल रही थी। तस्करों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच टीम को लगाया गया था।
प्रथम कार्रवाई (थाना किदवई नगर)
पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर दो तस्करों किदवई नगर थाना क्षेत्र कंजड़नपुरवा, साकेत नगर निवासी गिरोह की सरगना दीपा और दीप गिरफ्तार काे कर लिया गया। पकड़े गए तस्कराें के पास से 21 किलो 300 ग्राम गांजा 5,43,700 रुपये नकद बरामद हुए हैं।
द्वितीय कार्रवाई (थाना सजेती एवं क्राइम ब्रांच की टीम)
सजेती थाना क्षेत्र अंतर्गत हमीरपुर से बरीपाल होते हुए जहानाबाद (फतेहपुर) की ओर से मुखबिर की सूचना पर तीन तस्करों बांदा निवासी शिवम, बिधनू निवासी पुष्पेंद्र और चकेरी निवासी रोहित सविता को गिरफ्तार किया है। साथ ही उनके पास से दो करोड़ 12 लाख रुपये की कीमत का दो क्विंटल 12 किलो गांजा, 460 रुपये नकद, दो कार और दो मोबाइल भी बरामद किए हैं।
इस तरह से दोनों सफल अभियानों में पुलिस द्वारा कुल दो कुन्तल 33 किलो 300 ग्राम नाजायज गांजा, नकद धनराशि, वाहन एवं मोबाइल फोन बरामद कर पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
आगे उन्होंने बताया कि गिरोह का नेपाल से अंतरराष्ट्रीय संबंध भी है और भारत में उड़ीसा से मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में उनके द्वारा सप्लाई की जाती है। पकड़े गए तस्कर शिवम ने बताया कि एक बार माल लाने के बदले उसे 75 हजार रुपये मिलते थे। गांजे को बोरे में भरकर उड़ीसा से होकर के मध्य प्रदेश के रास्ते गाड़ियों और ट्रकों के माध्यम से लाते हैं। इसके बाद दूसरे साधन से प्रयागराज होते हुए बांदा फिर कानपुर में लाकर अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया जाता था।
पुलिस ने पांचों तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप



