निर्वाचक नामावली के आलेख्य प्रकाशन में नाम न हाेने पर भरें फॉर्म-6 : जिलाधिकारी
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- Jan 11, 2026
कानपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। मतदाताओं की फोटो खराब है अथवा जो नो मैपिंग की श्रेणी में आते हैं, वे अपने संबंधित बूथ पर उपस्थित बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक सुधार करा सकते हैं। जन्म-तिथि के आधार पर दस्तावेजों की आवश्यकता स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि एक जुलाई 1987 से पहले जन्मे नागरिकों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैध पहचान पत्रों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। एक जुलाई 1987 के बाद एवं दिसंबर 2004 से पहले जन्मे नागरिकों को स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा, जबकि 2004 के बाद जन्मे नागरिकों को स्वयं तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यह जानकारी रविवार जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आज सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जीजीआईसी चुन्नीगंज तथा आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र स्थित कैलाशनाथ इंटर कॉलेज एवं डीएवी इंटर कॉलेज का जायजा लिया। इस दौरान डीएम ने स्थलों पर उपस्थित बूथ लेवल ऑफिसरों से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों की जानकारी ली तथा मौके पर मौजूद नागरिकों से संवाद कर निर्वाचक नामावली से संबंधित स्थिति जानी।
वर्तमान में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की प्रक्रिया संचालित है, जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश में निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन छह जनवरी को किया जा चुका है। 11 जनवरी से जनपद के समस्त बूथों पर बीएलओ ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ उपस्थित हैं, जहां आम नागरिक अपने नाम की जांच कर सकते हैं। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है। फॉर्म-6 ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भरा जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर डॉट ईसीआई डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल अथवा वोटर हेल्पलाइन ऐप का उपयोग किया जा सकता है। आवेदन के उपरांत बीएलओ द्वारा नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिन नागरिकों ने पहले से अपना मोबाइल नंबर मतदाता सूची से लिंक कर रखा है, वे वोटर हेल्पलाइन ऐप पर मोबाइल नंबर दर्ज कर परिवार के सभी सदस्यों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में एक साथ देख सकते हैं। जिनका मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, वे भी वोटर डॉट ईसीआई डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर जाकर अपना नाम खोज सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सत्यापन के बाद भी नाम सूची में नहीं मिलता है, तो फॉर्म-6 भरना अनिवार्य होगा। फॉर्म भरते समय आवेदक को अपना विवरण प्रस्तुत करना होगा। यदि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता या दादा-दादी में से किसी का नाम दर्ज रहा हो, तो उसका विवरण देने से सत्यापन प्रक्रिया सरल हो जाती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है, एसडीएम स्तर के अधिकारी भी उपलब्ध हैं और पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए नागरिक वोटर हेल्पलाइन ऐप अथवा निर्वाचन आयोग के पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नई सुविधा के अंतर्गत नागरिक बीएलओ को कॉल रिक्वेस्ट भी भेज सकते हैं, जिस पर संबंधित बीएलओ स्वयं संपर्क करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप



