जोन-3 के वार्ड 18 में घरों में सीवर युक्त पानी की सप्लाई, लोग परेशान

कानपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। जोन-3, वार्ड 18 उस्मानपुर के केशव नगर, तुलसी विहार, साकेत नगर आदि क्षेत्रों में घरों में पीने के पानी की जगह गंदा, बदबूदार, मल मूत्र वाला, झाग वाला दुर्गंध युक्त सीवर का पानी की सप्लाई हो रही है। जिससे इलाक़ाई लोग काफी परेशान हैं। वहीं कुछ लोग दूषित पानी पीने की वजह से उल्टियां भी कर रहे हैं।

बीते दिनों इंदौर के भागीरथपुरा में 20 लोगों की मौत और तीन सौ लोगों के अस्वस्थ होने की घटना के बाद भी कानपुर नगर निगम का जल संस्थान विभाग इससे सबक नहीं ले रहा है। जल संस्थान विभाग शहर में भी इसी तरह की घटना होने का इंतजार कर रहा है। क्षेत्र में छोटे बड़े नालों के बीच से निकलने वाली वाटर लाइनों के टूटने की वजह से जल संस्थान विभाग द्वारा पिछले बीस दिनों से वार्ड 18 उस्मानपुर के केशव नगर, तुलसी विहार, साकेत नगर, भीम नगर क्षेत्रों में पीने का पानी लगातार गंदा बदबूदार मल मूत्र वाला, झाग वाला दुर्गंध युक्त सीवर का पानी सप्लाई कर रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बच्चे बूढ़े और जवान सभी इस पानी को पीते हैं पानी में फिकल क्लोरीफाई बैक्टीरिया होने की पूरी सम्भावना है। अब तो हर समय टाइफाइड, हैजा और हेपेटाइटिस ए जैसी गम्भीर बीमारियों के होने का डर सता रहा है।

केशव नगर निवासी भाजपा दक्षिण जिला मीडिया प्रभारी मनीष त्रिपाठी ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल आईजीआरएस पर भी शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। अधिकारी एक दूसरे की जिम्मेदारी कहकर केवल टाल मटोल कर रहे हैं। पिछले 15 दिनों से बदबूदार पानी आ रहा है। लोगों का सांस लेना दूभर हो जाता है।

तुलसी विहार निवासी गोविन्द पांडेय ने बताया कि अवर अभियंता, सहायक अभियंता, अधिशाषी अभियंता से लेकर जल संस्थान महाप्रबंधक तक को समस्या से अवगत कराने के बाद भी अभी तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी झांकने तक नहीं आया। इसी तरह राकेश मिश्रा ने बताया कि जलसंस्थान को पानी का पूरा टैक्स देने के बाद भी पीने के लिए बाहर से खरीद कर पानी लाना पड़ रहा है। घरों में आने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। जब सरकार पूरा टैक्स वसूलती है तो सुविधाएं भी देनी चाहिए। अरुण शुक्ला ने बताया कि पानी उबाल कर पीना पड़ रहा है। नालों और नालियों के बीच से लाइनों को निकाल कर बाहर से डाली जाने से निजात मिल सकती है। मामले काे लेकर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से फाेन पर बातचीत के लिए प्रयास किया गया लेकिन उनका फाेन नहीं उठा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप