वीबी जी-राम-जी से ग्रामीण विकास का नया अध्याय खुलेगा: दिलीप सैकिया
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- Jan 07, 2026
गुवाहाटी, 07 जनवरी (हि.स.)। असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा है कि विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका की गारंटी मिशन (ग्रामीण) - (जी-राम-जी) अधिनियम -2025 ग्रामीण विकास की दिशा में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के हर गरीब व्यक्ति को सुनिश्चित रोजगार मिलेगा और यह “विकसित भारत 2047” के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप तैयार की गई है।
राज्य भाजपा मुख्यालय में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिलीप सैकिया ने कहा कि यह मिशन महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रेरित है और देश को रामराज्य की अवधारणा की ओर आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन विकसित भारत की सोच और भगवान राम के नाम तक के प्रति विरोधभाव रखते हैं, लेकिन तमाम षड्यंत्रों और बाधाओं के बावजूद भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा।
नाम परिवर्तन के मुद्दे पर पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि 1989 में राजीव गांधी सरकार के समय शुरू हुई जवाहर रोजगार योजना का 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने नाम बदलकर जवाहर ग्राम समृद्धि योजना किया। इसके बाद 2005 में मनमोहन सिंह सरकार ने इसे राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम बनाया और 2009 में महात्मा गांधी का नाम जोड़ा। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस सरकारों द्वारा बार-बार नाम बदलना पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान था।
दिलीप सैकिया ने कहा कि 2011–12 में जहां देश की 25.7 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे थी, वहीं 2023–24 तक यह घटकर 4.86 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि वीबी जी-राम-जी का मुख्य उद्देश्य समग्र और सतत ग्रामीण विकास सुनिश्चित करना है ताकि विकसित भारत का लक्ष्य हासिल हो सके।
उन्होंने बताया कि जहां मनरेगा में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं वीबी जी-राम-जी में इसे बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन का कार्य स्थगित रखा जाएगा, ताकि कृषि गतिविधियों पर प्रतिकूल असर न पड़े।
दिलीप सैकिया ने कहा कि वीबी जी-राम-जी के तहत असम और अन्य सभी पूर्वोत्तर राज्यों को 90:10 के अनुपात में केंद्र और राज्य सरकार से वित्तीय सहायता मिलेगी। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और बताया कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को भी विशेष श्रेणी में यही व्यवस्था मिलती है, जबकि अन्य राज्यों को 60:40 के अनुपात में सहायता दी जाती है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा पर अब तक हुए कुल 11.74 लाख करोड़ रुपये के खर्च में से 8.53 लाख करोड़ रुपये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान खर्च किए गए हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में कैग रिपोर्ट के अनुसार गंभीर अनियमितताएं हुईं, जिनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को मजदूर दिखाना और मशीन से किए गए कार्य को मानव श्रम बताना शामिल है।
उन्होंने कहा कि वीबी जी-राम-जी में लेखा, ऑडिट और निगरानी प्रणाली को पूरी तरह से सुदृढ़ किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों वाली संयुक्त जांच समिति बनेगी और मोबाइल आधारित जीपीएस ट्रैकिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
दिलीप सैकिया ने कहा कि कांग्रेस काल में मनरेगा के दुरुपयोग के प्रमाण मौजूद हैं, लेकिन संशोधित वीबी जी-राम-जी बेहतर रोजगार गारंटी, मजबूत स्थानीय योजना, संतुलित कृषि श्रम प्रबंधन और आधुनिक शासन व्यवस्था के जरिए ग्रामीण बुनियादी ढांचे, आजीविका और जीवन गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाएगा तथा विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश



