प्रदूषण के खिलाफ सड़क पर उतरे ग्रामीण बीएफसीएल प्लांट को बताया दोषी

धरना पर बैठे कांग्रेसी नेताधरना पर बैठे लोगप्रदर्शन करते लोग

रामगढ़, 11 जनवरी (हि.स.)। रामगढ़ शहर के रांची रोड के रहने वाले सैकड़ो ग्रामीणों ने प्रदूषण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को रांची रोड मरार के रहने वाले लोगों ने प्रदूषण बंद कराने को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। मरार से लेकर शहर के सुभाष चौक तक विरोध प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली गई। सुभाष चौक पर पहुंचकर यह रैली एक धरने में तब्दील हो गई। धारणा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि रांची रोड मरार इंडस्ट्रियल एरिया में स्थापित बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग लिमिटेड प्लांट के चिमनी से निकलने वाला धुआं काफी जहरीला हो गया है। प्लांट की लापरवाही की वजह से पूरे इलाके में बीमारियां फैलने लगी हैं। प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।

प्रशासनिक अधिकारी भी समस्या पर नहीं दे रहे ध्यान

वक्ताओं ने कहा कि पिछले कई महीनों से लगातार जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया जा रहा है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी भी इस गंभीर मुद्दे पर सक्रिय नहीं है। ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आड़े हाथों लिया। ग्रामीणों ने कहा कि जनता सिर्फ वोट देने के लिए है, लेकिन उनकी समस्या पर कोई भी साथ नहीं दे रहा। जिस जगह पर भी प्रदूषण के खिलाफ आवाज बुलंद की जा रही है, वहां से उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है।

बीएफसीएल प्लांट को ठहराया दोषी

वक्ताओं ने बीएफसीएल प्लांट को प्रदूषण फैलाने के लिए दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि प्लांट प्रबंधन प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए उपयुक्त मशीन का प्रयोग नियमित तौर पर नहीं कर रहा है। 24 घंटे में कई बार ऐसा होता है, जब प्लांट से जहरीला धुआं निकलता है। इस धुएं से आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदूषण खत्म करने को लेकर विभागीय अधिकारी भी निष्क्रिय ही हो गए हैं।

पूर्व विधायक और कांग्रेसी नेताओं ने प्रदर्शन को दिया समर्थन

प्रदूषण के खिलाफ ग्रामीणों के आंदोलन को पूर्व विधायक शंकर चौधरी के साथ कांग्रेसी नेता शांतनु मिश्रा, पूर्व जिला अध्यक्ष मुन्ना पासवान ने भी अपना समर्थन दिया है। इस दौरान पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने जिला प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल पहल करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अगर जिला प्रशासन का रवैया सकारात्मक ना रहा तो वह आने वाले दिनों में तीन दिनों तक लगातार धरना देंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश