चंद्रकोणा में लोहे का पुल निर्माण कार्य रुका, ग्रामीणों में भारी रोष

पश्चिम मेदिनीपुर, 20 जनवरी (हि. स.)। जिले के अंतर्गत चंद्रकोना-दो ब्लॉक की बांदीपुर-एक पंचायत में निर्माणाधीन लोहे के पुल का काम फंड की कमी के कारण बीच में ही रुक गया है। इससे स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के प्रति गहरा रोष व्याप्त हो गया है।

उल्लेखनीय है कि शीलावती नदी पर बनी पुरानी लकड़ी की पुलिया पिछले साल मानसून के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गई थी। इसके बाद ग्रामीणों के आवागमन के लिए पंचायत ने एक अस्थायी बांस का चचरी पुल (सांको) बनाया था। हालांकि प्रशासन ने इस पर वाहनों के चलने पर रोक लगा रखी है, लेकिन ग्रामीण जान जोखिम में डालकर इसी अस्थायी पुल से मोटरसाइकिल और अन्य वाहन ले जाने को मजबूर हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस लोहे के पुल का निर्माण ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और विधायक कोष के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा था। लेकिन बीच रास्ते में ही रुपयों की आपूर्ति बंद होने के कारण काम ठप हो गया।

स्थानीय निवासी बापी मुखर्जी और अर्पिता भुइयां ने मंगलवार सुबह को समस्या से अवगत करते हुए बताया कि लकड़ी का पुल टूटने के बाद उन्हें काफी उम्मीद थी कि नया लोहे के पुल उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करेगा। उन्होंने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द इस पुल का काम पूरा करे ताकि लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से मुक्ति मिल सके।

इस संबंध में चंद्रकोणा-दो पंचायत समिति के सभापति आलोक घोष से फोन पर बात होने पर उन्होंने बताया कि तकनीकी और वित्तीय बाधाओं को दूर किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही शेष कार्य को पूरा कर पुल को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता