जल प्रबंधन से सीवर सुधार तक, स्वच्छ, हरित और भविष्य तैयार बनाने की एनडीएमसी की समग्र योजना : चहल

नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने सोमवार को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में प्रस्तावित सीवर सुधार परियोजनाएं की जानकारी दी।

कुलजीत सिंह चहल ने आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि परिषद द्वारा जल प्रबंधन और सीवर प्रबंधन को सुदृढ़ करने, हरित आवरण बढ़ाने तथा पर्यावरण-अनुकूल आधुनिक परियोजनाओं को निरंतर लागू किया जा रहा है, ताकि एनडीएमसी क्षेत्र को स्वच्छ, हरित और भविष्य-तैयार शहर के रूप में विकसित किया जा सके।

चहल ने जानकारी दी कि सतत विकास और संसाधनों के कुशल उपयोग के प्रधानमंत्री के विजन के तहत एनडीएमसी द्वारा स्मार्ट सिंचाई प्रणाली को अपनाया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत पार्कों, उद्यानों और हरित पट्टियों में आधुनिक, स्वचालित और मैकेनाइज्ड सिंचाई प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे पानी केवल आवश्यकता के अनुसार और आवश्यक स्थान पर ही उपयोग होगा।

उन्होंने बताया कि यह प्रणाली जल संरक्षण को बढ़ावा देगी, पानी की बर्बादी और जलभराव की समस्या को कम करेगी, पौधों के स्वास्थ्य में सुधार लाएगी, मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगी तथा संचालन लागत में भी कमी लाएगी।

उपाध्यक्ष ने बताया कि पहले चरण में बागवानी प्रयोजन हेतु 11 प्रमुख सड़कों पर लगभग 19.28 किलोमीटर लंबाई में स्मार्ट सिंचाई प्रणाली प्रस्तावित है, जिससे पानी के टैंकरों की आवाजाही कम होगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। इन सड़कों में - नेहरू पार्क के आसपास का क्षेत्र, पेशवा रोड, मंदिर मार्ग, आरके आश्रम मार्ग, भाई वीर सिंह मार्ग, शांति पथ, पंचशील मार्ग, अशोका रोड, सी-हेक्सागन, ऑरोबिंदो मार्ग और अकबर रोड शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं, जिन्हें 23 और 27 जनवरी को खोला जाएगा। मार्च से पहले कार्य आवंटन प्रस्तावित है तथा सड़क की लंबाई के अनुसार कार्य अवधि 6 माह से 1 वर्ष के बीच होगी। इस चरण की कुल अनुमानित लागत 15.94 करोड़ रुपये है।

चहल ने कहा कि पहले चरण की सफलता के बाद वर्ष 2026–27 में स्मार्ट सिंचाई प्रणाली का विस्तार करते हुए 11 अन्य मुख्य सड़कों और 5 प्रमुख उद्यानों को शामिल किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 19.61 किलोमीटर होगी।

कुलजीत सिंह चहल ने आगे बताया कि एनडीएमसी द्वारा कुल 2250 केएलडी क्षमता की 5 नई डी-एसटीपी के निर्माण, संचालन और रख-रखाव का प्रस्ताव किया गया है। ये संयंत्र बापू धाम हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, आईएनए मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित हॉर्टीकल्चर नर्सरी, राजेंद्र प्रसाद रोड और अशोका रोड के चौराहे पर स्थित आइलैंड, भारती नगर सीवरेज पंपिंग स्टेशन तथा नेहरू पार्क में स्थापित किए जाएंगे।

उपाध्यक्ष ने बताया कि विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप एनडीएमसी अपनी आगामी परिषद बैठक में नई दिल्ली की पुरानी और जर्जर सीवर व्यवस्था के सुधार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी देने जा रही है।

चहल ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं विशेष रूप से लुटियंस दिल्ली क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जहां सीवर अवसंरचना कई दशकों पुरानी हो चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 एवं सतत शहरी विकास के विजन के अनुरूप कहा कि आधुनिक और उन्नत तकनीकों को अपनाने से आम नागरिकों को कम असुविधा होगी तथा सीवर व्यवस्था की कार्यक्षमता, पर्यावरण संरक्षण और जन-स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

इस अवसर पर एनडीएमसी के सदस्य अनिल वाल्मीकि एवं संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे।

----------------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी