इतिहास से सीख कर ही सशक्त राष्ट्र निर्माण संभव : विजय मनोहर तिवारी

जुगल किशोर जैथलिया स्मृति व्याख्यानमाला का दसवां आयोजन

कोलकाता, 04 जनवरी (हि. स.)। इतिहास से पीछा नहीं छुड़ाया जा सकता। इतिहास केवल अतीत का विवरण नहीं बल्कि वर्तमान को समझने एवं भविष्य को दिशा देनेवाली चेतना है। निकट अतित के इतिहास से सीख कर ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव हैं क्योंकि प्रजातंत्र में क्रूरता का सामना कठोरता से किया जा सकता है।

उपरोक्त बातें माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति विजय मनोहर तिवारी ने रविवार को स्थानीय रथीन्द्र मंच में श्री बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय द्वारा आयोजित दसवें कर्मयोगी जुगल किशोर जैथलिया स्मृति व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए कही। भारत : इतिहास की अनकही कहानियां विषयक परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत केवल भूखंड नहीं बल्कि एक जीवंत सभ्यता यात्रा है जिसकी जड़ें प्राचीन सम्राज्यों एवं दार्शनिक परंपराओं में गहराई से जुड़ी है।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे विधायक डॉ अशोक लाहिड़ी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इतिहास से हमें स्वाभिमान और सीख दोनों मिलते हैं। इतिहास की अनदेखी जोखिमपूर्ण है क्योंकि इतिहास स्वयं को दोहराता है।

समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ आयकर सलाहकार सज्जन कुमार तुल्स्यान ने जुगल किशोर जैथलिया के कर्ममय जीवन का स्मरण करते हुए उन्हें असाधारण व्यक्तित्व का धनी बताया। साथ ही व्याख्यानमाला के विषय की प्रासांगिकता की सराहना की।

पुस्तकालय के अध्यक्ष महावीर बजाज ने स्वागत भाषण में जुगल किशोर जैथलिया को व्यक्ति निर्माण का प्रेरक बताते हुए कहा कि इतिहास की अनकही घटनाओं की जानकारी से स्वयं को जागृत करना तथा भावी पीढ़ी को तैयार करना आवश्यक है तभी भारत का स्वाभिमान सुरक्षित रहेगा।

समारोह का प्रारंभ युवा गायक अमित पटवा के गायन से हुआ। अतिथियों का स्वागत बंशीधर शर्मा, रामचन्द्र अग्रवाल, नन्दकुमार लढा, डॉ. तारा दूगड़, कृष्णा काकड़ा एवं मनीष जैन ने किया। शांति मंत्र का पाठ अमित ओझा ने तथा संचालन संस्था के उपाध्यक्ष महावीर प्रसाद रावत ने। मंच पर कुमारसभा के उपाध्यक्ष भागीरथ चांडक भी उपस्थित थे।

समारोह में सर्वश्री आचार्य राकेश पाण्डेय, सांवरमल अग्रवाल, रमेश शोभासरिया, बालकिशन मूंधड़ा, डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी, बुलाकीदास मीमाणी, राजीव शरण, मीनादेवी पुरोहित, विजय पाण्डेय, विजय ओझा, रामगोपाल सूंघा, ललित तोदी, मोहनलाल पारीक, अरुणप्रकाश मल्लावत सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप