एसआईआर : सुनवाई केंद्रों में बूथ स्तरीय एजेंटों को प्रवेश की अनुमति नहीं देने पर चुनाव आयोग ने दिया स्पष्टीकरण
- Admin Admin
- Jan 02, 2026
कोलकाता, 02 जनवरी (हि.स.)।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावों और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान बूथ स्तरीय एजेंटों को शामिल करने की तृणमूल कांग्रेस की मांग को खारिज करने पर चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। आयोग का कहना है कि व्यावहारिक दिक्कतों और सभी दलों के लिए समान नियम लागू रखने के कारण यह मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि किसी एक राजनीतिक दल को सुनवाई केंद्रों में बूथ स्तरीय एजेंटों की मौजूदगी की अनुमति दी जाती है, तो राज्य में चुनाव आयोग में पंजीकृत सभी राजनीतिक दलों को भी यही सुविधा देनी पड़ेगी। पश्चिम बंगाल में इस समय छह राष्ट्रीय और दो राज्य स्तरीय दल पंजीकृत हैं। ऐसी स्थिति में हर सुनवाई मेज पर लोगों की संख्या काफी बढ़ जाएगी।
अधिकारी के अनुसार, एक ही मेज पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, माइक्रो ऑब्जर्वर और सभी राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंट मौजूद होंगे। इतने लोगों की मौजूदगी में सुनवाई की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से चलाना मुश्किल हो जाएगा। इसी कारण सुनवाई केंद्रों में बूथ स्तरीय एजेंटों को शामिल करने का फैसला व्यावहारिक नहीं माना गया।
तृणमूल कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने जानबूझकर उनकी मांग ठुकराई है। पार्टी का दावा है कि आयोग को यह पता है कि कई अन्य दल, खासकर भारतीय जनता पार्टी, सभी सुनवाई केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में बूथ स्तरीय एजेंट तैनात करने की स्थिति में नहीं हैं।
हालांकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग किसी भी दल की ताकत या कमजोरियों के अनुमान के आधार पर नियम नहीं बना सकता। आयोग को सभी राजनीतिक दलों के लिए समान और व्यावहारिक नियम लागू करने होते हैं और इसी आधार पर सुनवाई केंद्रों में बूथ स्तरीय एजेंटों को अनुमति न देने का फैसला लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में मतदाता सूची का प्रारूप 16 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था, जबकि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी। इसके बाद चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर



