आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ पहचान के लिए कार्यशाला का आयोजन

जोधपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केंद्र द्वारा आयुर्वेद महाविद्यलय में आयुर्वेद के लिए वैश्विक अवसर विषय पर महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता एसोसिएशन ऑफ आयुर्वेद अकादमी यूके के निदेशक डॉ. वेंकट नारायण जोशी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविंद सहाय शुक्ल के की।

कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए सीएचआरडी निदेशक डॉ. राकेश शर्मा ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य आयुर्वेद से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को वैश्विक शैक्षणिक, शोध एवं व्यावसायिक अवसरों से परिचित कराना है, जिससे आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ पहचान मिल सके।

मुख्य अतिथि डॉ. वेंकट नारायण जोशी ने अपने संबोधन में आयुर्वेद की वैश्विक संभावनाओं, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, अनुसंधान, क्लिनिकल प्रैक्टिस तथा नियामक ढांचे पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आयुर्वेद के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपार अवसर उपलब्ध हैं, जिन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, गुणवत्ता नियंत्रण एवं मानकीकरण के माध्यम से सुदृढ़ किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश