दुनिया भर के तमाम देशों में बसे भारतीयों को एक सूत्र में बांधने के लिए विश्व हिन्दी दिवस : आरएस वर्मा
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- Jan 10, 2026
-इस वर्ष की थीम ’हिन्दी : पारम्परिक ज्ञान से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक’
प्रयागराज, 10 जनवरी (हि.स.)। दुनिया भर में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हर साल 10 जनवरी विश्व हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का सबसे बड़ा मकसद है कि हिंदी का वैश्विक स्तर पर ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके अलावा दुनिया भर के तमाम देशों में बसे भारतीयों को एक सूत्र में बांधने के लिए भी विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी भारतीयता की पहचान है। विश्व हिंदी दिवस हिंदी को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प लेने का दिन है। यह बातें सेवानिवृत्त पूर्व आयुक्त आर एस वर्मा ने विश्व हिन्दी दिवस पर कही। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में 10 जनवरी, 2006 को विश्व हिन्दी दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। हिंदी भारत के साथ ही विदेशों में बसे भारतीयों के दिलों को आपस में जोड़ती है और उन्हें एकजुट करती है, ऐसे में इस दिन की अहमियत और भी बढ़ जाती है।-विश्व हिंदी दिवस 2026 की थीमहर वर्ष विश्व हिंदी दिवस की एक थीम भी रखी जाती है। साल 2026 के लिए विश्व हिंदी दिवस की थीम है ’हिंदी : पारम्परिक ज्ञान से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक’। इस थीम का मकसद यह है कि हिंदी न सिर्फ एक समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक भाषा है, बल्कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दुनिया में भी तेजी से अपनी जगह बना रही है। आज हिंदी का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। इस दिशा में सरकार भी हिंदी को कोडिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई टेक्नोलॉजी के साथ कम्पैटिबल बनाने के लिए लगातार कोशिशें कर रही है, ताकि यह भाषा डिजिटल युग में और ज्यादा मजबूत बन सके। -विश्व हिंदी दिवस और हिंदी दिवस में अंतरभारत में हिंदी दिवस 14 सितम्बर को होता है। वहीं हर साल विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है। दोनों दिनों का मकसद हिन्दी को प्रोत्साहित करना है। विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर इसे बढ़ावा देना है। आजादी मिलने के दो साल बाद 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया था। इस निर्णय के बाद हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर पूरे भारत में 14 सितम्बर को हर साल राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।पहले विश्व हिन्दी सम्मेलन का आयोजन 10 जनवरी, 1975 को नागपुर में किया गया था। अभी तक पोर्ट लुईस, स्पेन, लंदन, न्यूयॉर्क, जोहानसबर्ग सहित भारत में विश्व हिन्दी सम्मेलनों का आयोजन किया जा चुका है। इसी दिवस को मनाने के लिए प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है।विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर विश्व भर में फैले भारत के दूतावासों, विदेशों के विश्वविद्यालयों की हिन्दी शिक्षण पीठों में, भारत के सभी सरकारी कार्यालयों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों भिन्न-भिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है जिससे कि हिन्दी के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा सके। विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर सभी भारतीयों को हिन्दी को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र



