युवा स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करें: आशीष चौहान

पटना, 12 जनवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) पटना महानगर के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन प्रेमचंद रंगशाला, पटना में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था और आज उनकी जयंती के 163 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं।युवा स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करें।

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल 29 वर्ष की आयु में भारत के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विचारों को विश्व पटल पर स्थापित कर गए। शिकागो धर्म संसद में उनके “ब्रदर्स एंड सिस्टर्स” के संबोधन ने पूरी दुनिया को भारत की सहिष्णुता और शांति की परंपरा से परिचित कराया। महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस जैसे महान नेताओं ने स्वामी विवेकानंद के साहित्य से प्रेरणा प्राप्त की। गांधी जी ने कहा था कि विवेकानंद को पढ़ने के बाद देश के प्रति उनका प्रेम और बढ़ गया।

उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने कहा था कि यदि उन्हें अवसर मिलता तो वे अपना जीवन स्वामी विवेकानंद के चरणों में समर्पित कर देते। “बिना युवा शक्ति के कोई भी राष्ट्र आगे नहीं बढ़ सकता। आज आवश्यकता है कि युवा रील की दुनिया से निकलकर रियल वर्ल्ड में आए, खेल, कला, पर्यावरण और सामाजिक कार्यों से जुड़े। इसी उद्देश्य से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा ‘परिसर चलो अभियान’ चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र कल्याण में लगाना होगा। “नर सेवा ही नारायण सेवा है—यही स्वामी विवेकानंद की मूल प्रेरणा है।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा एवं परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि अभयानंद ने कहा कि “विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल उत्तर देना नहीं, बल्कि छात्रों को स्वयं से प्रश्न पूछने की खुली आज़ादी देना है, तभी आलोचनात्मक सोच विकसित होगी।”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटना महानगर अध्यक्ष मुकेश झा ने कहा कि “हम सभी स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आत्मसात करने के लिए एकत्र हुए हैं। उनके विचार केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि हर क्षण और हर पल जीने के लिए हैं। आज का युवा आत्मविश्वासी बने, यही स्वामी जी का संदेश है।”महानगर मंत्री प्रियरंजन सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे संगठनात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाएँ और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी