‘होनहार बिरवान के होत चीकने पात' वाली कहावत 11 साल के नन्हे धावक एमी ढिल्लों पर पूरी तरह सटीक बैठती है। एमी की उम्र भले ही छोटी है लेकिन इतनी कम उम्र में ही उसने एक शानदार धावक के रूप में अपनी विशेष पहचान स्थापित कर ली है। वह विभिन्न खेल मेलों और बड़े टूर्नामेंट्स में लगातार 5 किलोमीटर दौड़कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहा है। श्री गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल (झब्बाल) में 5वीं कक्षा का छात्र एमी अपनी इस अद्भुत प्रतिभा के कारण परिजनों और शिक्षकों का सबसे पसंदीदा खिलाड़ी बन गया है। स्कूल की प्रिंसिपल अनुरीत बावा और क्लास टीचर गुरबिंदर कौर भी एमी की इस हिम्मत को देखकर हमेशा उसकी पीठ थपथपाती हैं और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। नन्हे रनर एमी की माता सुमनदीप कौर ने बताया कि एमी जब काफी छोटा था, तभी से उसकी रुचि दौड़ने में थी। इसी को देखते हुए उन्होंने खुद उसे झब्बाल के खेल मैदान में ले जाना शुरू किया। महज एक-दो साल की बुनियादी ट्रेनिंग के बाद ही एमी ने स्थानीय मेलों और एथलेटिक्स टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। आज वह कई बड़े सम्मान हासिल कर स्कूल और इलाके का नाम रोशन कर रहा है। नन्हे धावक एमी ढिल्लों की प्रतिभा से प्रभावित होकर गायक अमर संधू ने उसकी शिक्षा के खर्च का पूरा बीड़ा उठाया है। इसके साथ ही उन्होंने एमी को खेल के मैदान में हर मुकाम हासिल करने के लिए हर संभव सहयोग और सहायता प्रदान करने का भरोसा भी दिया। राइजिंग सन दुपट्टा एंड स्टॉल कंपनी के एमडी जीत सलूजा और सोनी सलूजा के सहयोग से स्थानीय होटल में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान गायक अमर संधू ने नन्हे रनर एमी को स्मृति चिह्न और आकर्षक गिफ्ट्स प्रदान कर विशेष तौर पर सम्मानित किया।

