श्री गुरु अर्जन देव का शहीदी मनाने 541 सिख श्रद्धालुओं का जत्था 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों के साथ रवाना

भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर एसजीपीसी के 541 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना हो गया जबकि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के करीब 100 श्रद्धालु रवाना नहीं हो पाए। सूत्रों के अनुसार एचएसजीपीसी से संंबधित करीब 100 यात्रियों को पाक रवानगी की पूर्व संध्या 9 जून को वीजा हासिल नहीं हो पाया। समय रहते पुलिस वेरिफिकेशन ​िक्लयरेंस न हो पाने के चलते ही ऐन मौके पर उक्त यात्री रवाना नहीं हो पाए हैं। हालांकि एचएसजीपीसी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने स्वीकार किया है कि यात्री यात्रा से वंचित रहे हैं लेकिन यह नहीं बताया कि कितने। सूत्रों के अनुसार करीब 100 यात्रियों ने ही वीजा अप्लाई किया था मगर 99 प्रतिशत संगत को वीजा नहीं मिल पाया है। शेष 59 श्रद्धालु जो विभिन्न संस्थाओं से भी संबंधित हैं निजी या अन्य कारणों से बुधवार को पाक रवाना नहीं हो पाए हैं इसलिए कुल 700 में से 541 श्रद्धालु ही देर रात 8 बजे अंतिम समय तक पाकिस्तान रवाना हो सके। पाकिस्तान गया जत्था 11 जून को श्री गुरु नानक देव जी के जन्म स्थान गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब पहुंचेगा, जहां से यह जत्था गुरुद्वारा सच्चा सौदा साहिब, शेखूपुरा जाएगा। 12 जून को गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब के लिए रवाना होगा और 14 जून को गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, श्री करतारपुर साहिब पहुंचेगा। 15 जून को जत्था गुरुद्वारा श्री रोड़ी साहिब अमीनाबाद जाएगा और उसके बाद गुरुद्वारा श्री डेरा साहिब लाहौर पहुंचेगा, जहां शहीदी समारोह को लेकर 16 जून को श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ किया जाएगा। 18 जून को जत्था शहीदी समारोह में भाग लेगा और 19 जून को जत्था देश लौटेगा। फरीदकोट की डूगर बस्ती निवासी 50 वर्षीय गुरप्रीत सिंह पहली बार पाकिस्तान जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "साल 2013 के बाद एसजीपीसी द्वारा शहीदी पर्व पर यह जत्था पाक भेजा जा रहा है। हर साल जत्था न जाने से सैकड़ों श्रद्धालु गुरु साहिब को श्रद्धांजलि देने से वंचित रह जाते हैं। चूंकि लाहौर में ही गुरु अर्जन देव जी की शहादत हुई थी, इसलिए वहां स्थित गुरुद्वारा डेरा साहिब के दर्शन हर साल सुनिश्चित होने चाहिए।’ धालीवाल से आई 60 वर्षीय कुलदीप कौर ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से 15 साल से जारी नानकशही कैलेंडर विवाद का जल्द समाधान करने की अपील की। उन्होंने जत्थेदार से अपील की है कि एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी को वहां की गुरुद्वारा कमेटी से बातचीत शुरू करने की हिदायत दें। उन्होंने कहा कि लाहौर में पवित्र शहादत स्थल पर नतमस्तक होने के लिए संगत को वंचित नहीं रखा जा सकता। पटियाला के सेवा सिंह ठीकरी वाला नगर के रहने वाले 62 वर्षीय बिजनेसमैन अपनी पत्नी हरविंदर कौर को छोड़ने अमृतसर पहुंचे थे। उन्होंने कहा, "मेरी भी बहुत इच्छा थी, लेकिन समय पर पासपोर्ट-वीजा अप्लाई न कर पाने के कारण मैं नहीं जा पा रहा। अब वाहेगुरु को जब मंजूर होगा, तब जाएंगे।