डीसी-सीपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस सहायता मुहैया कराने के लिए 40 दिन पहले भेजा लैटर, पर सहयोग नहीं मिला

भास्कर न्यूज | अमृतसर जीटी रोड स्थित ट्रक स्टैंड स्कीम के तहत बने एससीओ क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण परेशानी का सबब बना है। इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट और जिला प्रशासन के बीच तालमेल की कमी के कारण सड़कों पर पुराने वाहनों के रखे कबाड़ के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई ठप्प पड़ी हुई है। ट्रस्ट के एक्सईएन ने अतिक्रमण हटाने के लिए बीते 10 दिसंबर को डीसी और सीपी को पत्र लिखकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की मांग की थी, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। अब दोबारा 6 जनवरी को पत्र भेजकर 4 फरवरी के लिए पुलिस सहायता मांगी गई है। ट्रस्ट का कहना है कि बिना सुरक्षा बल के सड़कों पर फैले पुराने वाहनों के कबाड़ को हटाना संभव नहीं है। चेयरमैन ट्रस्ट ने कबाड़ हटाने के आदेश जारी किए हैं। जिसके लिए ट्रस्ट की तरफ से 14 जुलाई को सड़क के कबाड़ हटाने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई दौरान ओल्ड स्टोर पार्ट्स एसोसिएशन जीटी रोड राम तलाई की तरफ से चेयरमैन ट्रस्ट को लिखित में दिया गया कि हमारी तरफ से सड़क पर सामान रखा हुआ है। 19 जुलाई तक हटा लिया जाएगा। सामान नहीं हटाया जाए। 21 जुलाई को चेयरमैन के मौखिक आदेश अनुसार सामान हटाने के लिए ट्रस्ट के फील्ड स्टॉफ की तरफ से कार्रवाई शुरू की गई तो दुकानदारों ने स्टाफ को इंक्रोचमेंट हटाने से रोक दिया । 10 दिसंबर को पुलिस सहायता व ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाने के लिए अनुरोध किया गया। लेकिन नहीं मिली। दरअसल, जीटी रोड ट्रक स्टैंड स्कीम के तहत 30 साल पहले 30 एससीओ बनाए गए थे। लेकिन 3 कबाड़ की दुकानें खुल जाने पर पुराने वाहनों के पार्ट्स सड़कों पर ही फैला दिए जाने से अवैध कब्जा हो चुका है। आम लोगों को निकलने में मुश्किलें आ रही। साथ ही आए दिन जाम की समस्या भी बनी रहती है। ट्रस्ट की तरफ से बार-बार चेतावनी के बाद भी इंक्रोचमेंट खुद नहीं हटाया जा रहा। ऐसे में अब ट्रस्ट को पुलिस-प्रशासन के सहयोग की जरूरत है। ट्रस्ट स्टैंड ट्रेडर एसोसिएशन के प्रेसीडेंट परमिंदर सिंह और सेक्रेटरी विशाल मेहता, हरचरन सिंह, सचिन, जसविंदर सिंह, अमनदीप सिंह, सतपाल सिंह ने बताया कि अतिक्रमण को लेकर कई बार विरोध दर्ज करा चुके हैं। लेकिन ट्रस्ट अफसरों की तरफ से कोई सुनवाई नहीं की जा रही। उन्होंने बताया कि 1995 में जब ये एससीओ बनाए गए थे, तब ट्रस्ट के विज्ञापन में स्पष्ट था कि यहां कबाड़ का काम नहीं होगा। लेकिन बाद में ट्रस्ट के अफसरों की मिलीभगत से दुकानें खुलवा दी गई। 27 दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। परमिंदर ने बताया कि ट्रस्ट की तरफ से ट्रक स्टैंड में बनाए गए 30 एससीओ से करीब 3.40 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट हुआ। लेकिन 30 सालों बाद भी सीवरेज व्यवस्था बदहाल है। बीते 19 सितंबर को लोकल बाडीज मंत्री, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, डायरेक्टर को शिकायत भेज चुके। इसके अलावा बीते 5 अगस्त को इंप्रूवमेंट ट्रस्ट दफ्तर में शिकायत दी थी, जिसका (डायरी नंबर 2947) है। वहीं बीते 15 ​दिसंबर को चेयरमैन करमजीत सिंह रिंटू से मुलाकात कर समस्या रखी थी। तब उन्होंने 7 दिन का समय मांगा था। लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया।