अमृतसर में मासूम से दुष्कर्म पर सख्त फैसला:फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी को 20 साल कैद और जुर्माना सुनाया

अमृतसर से एक अत्यंत गंभीर और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें अदालत ने मासूम बच्चे के साथ किए गए जघन्य यौन अपराध पर कड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अमृतसर की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में दोषी को 20 साल की कठोर कैद और 40 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों के खिलाफ अपराधों पर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। यह मामला थाना वेरका, अमृतसर में वर्ष 2022 में दर्ज एफआईआर नंबर 106/2022 से संबंधित है। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, अमृतसर द्वारा की गई। पड़ोसी आरोपी दोषी करार प्रीत नगर, वेरका निवासी आरोपी राजा पुत्र जसपाल सिंह को दोषी करार दिया। सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार आरोपी पीड़ित बच्चे का पड़ोसी था। उसने बच्चे के माता-पिता की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर उनके घर में प्रवेश किया और मासूम बच्चे के साथ अमानवीय और शर्मनाक कृत्य को अंजाम दिया। कानून का डर जरूरी, कड़ी सजा आवश्यक कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों के खिलाफ किए गए यौन अपराध समाज की जड़ों को कमजोर करते हैं। ऐसे अपराध केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज पर गहरा असर डालते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में दोषियों को सख्त से सख्त सजा देना आवश्यक है, ताकि कानून का डर बना रहे और भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न कर सके। अदालत ने पॉक्सो अधिनियम के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह कानून बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। इस फैसले के जरिए अदालत ने समाज को यह सख्त संदेश दिया है कि मासूम बच्चों के साथ होने वाले अत्याचारों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और साथ ही आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हुआ है।