धर्मी फौजी 15 तारीख को सिंह-साहिबानों से मुलाकात करेंगे:जून 1984 के सवालों पर सिख नेतृत्व से जवाब तलब करेंगे बलदेव सिंह

जून 1984 की घटनाओं को लेकर 41 वर्षों से चली आ रही चुप्पी पर अब सवाल तेज हो गए हैं। सच्चखंड श्री दरबार साहिब के बाहर घंटाघर के पास धर्मी फौजी फेडरेशन द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के प्रधान बलदेव सिंह गुरदासपुर ने सिख नेतृत्व और संबंधित संस्थाओं की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। बलदेव सिंह ने कहा कि जून 1984 के दौरान अकाल तख्त साहिब पर टैंकों और तोपों से हमला किया गया, जिसमें अकाल तख्त को भारी नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में निर्दोष संगत की जान गई। इसके बावजूद 41 साल बीत जाने के बाद भी सिख कौम को इस त्रासदी पर स्पष्ट और ठोस जवाब नहीं मिले। सिख नेतृत्व की चुप्पी पर खड़े किए गंभीर प्रश्न उन्होंने सवाल किया कि जब सिख समाज के भीतर छोटी-छोटी बातों को बड़े मुद्दे के रूप में उछाला जाता है, तो 1984 जैसे गहरे जख्म पर चुप्पी क्यों साध ली गई। उन्होंने कहा कि सिखी से जुड़े मामलों की देखरेख के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाई गई थी, लेकिन अयोग्य और कमजोर नेतृत्व के कारण आज सरकारों को सिख मामलों में दखल देने का मौका मिल रहा है। 328 पावन स्वरूपों के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे भी नेतृत्व की नाकामी का नतीजा बताया। 15 तारीख को सिंह साहिबानों से मुलाकात बलदेव सिंह ने कहा कि 15 तारीख को सिखों के सर्वोच्च धार्मिक प्रतिनिधि सिंह साहिबानों से मुलाकात कर जून 1984 से जुड़े सवालों के जवाब मांगे जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का आना या न आना सरकार का विषय है, लेकिन सिख कौम के सवालों के जवाब मिलना अनिवार्य है। उन्होंने सिख संगत से अपील की कि वे धर्मी सिख सैनिकों के साथ खड़े होकर सिख नेतृत्व से जवाब मांगें, ताकि 1984 में शहीद हुए और कष्ट झेलने वाले लोगों को न्याय मिल सके।