अमृतसर में जेप्टो स्टोर पर राइडर्स का हंगामा:आधी तक काम करने का आरोप, बोले- उत्पीड़न किया जा रहा, पुलिस ने शांत कराया
- Admin Admin
- Jan 17, 2026
अमृतसर के ज़ेप्टो (Zepto) स्टोर पर देर रात हंगामा हो गया। राइडर्स ने देर रात 2 बजे तक काम करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद स्टोर के सीनियर अधिकारियों ने पुलिस को मौके पर बुलाया। राइडर्स ने सीनियर अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया, जबकि अधिकारियों का कहना था कि केवल चार राइडर्स को समस्या है और बाकी काम करने को तैयार हैं। एक राइडर करण ने बताया कि वे ज़ेप्टो स्टोर में शुरुआत से ही काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, सीनियर खजान और हरलीन को समस्या बताने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। करण ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कंपनी की ईमेल पर शिकायत की है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आज भी जब उन्होंने अपनी समस्या बताई, तो उनकी आईडी बंद कर दी गई। करण के मुताबिक, केवल चार राइडर्स की आईडी बंद की गई है, जबकि यह समस्या सभी की है और कई राइडर्स ने इस संबंध में हस्ताक्षर भी किए हैं। हालांकि, उन चारों पर अन्य राइडर्स को भड़काने का आरोप लगाया जा रहा है। रात को दो बजे तक काम कराने का आरोप करण ने आगे बताया कि उन्हें रात 2 बजे तक काम करने के लिए कहा जाता है। कई बार डिलीवरी लोकेशन गलत होती है, जिससे सुरक्षा का खतरा रहता है। इसके बावजूद सीनियर अधिकारी ऑर्डर रद्द नहीं करते। राइडर्स को प्रति किलोमीटर केवल 14 रुपए मिलते हैं, और गलत लोकेशन पर जाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं दिया जाता। उन्होंने यह भी शिकायत की कि स्नैचिंग या चोट लगने की स्थिति में उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिलता। इस मामले में सिटी हेड खजान ने बताया कि राइडर्स द्वारा हर बार अवैध हड़ताल की जाती है, जिस कारण आज पुलिस को शिकायत दी गई। उन्होंने कहा कि केवल ये चार राइडर्स ही शिकायत करते हैं। रात 2 बजे तक काम करने के संबंध में, खजान ने स्पष्ट किया कि राइडर्स को फ्रीलांसर के तौर पर रखा गया है, और वे जितने अधिक ऑर्डर डिलीवर करेंगे, उतनी ही अधिक कमाई कर पाएंगे। कंपनी ने की आईडी बंद उन्होंने यह भी बताया कि लोकेशन गूगल मैप के अनुसार होती है और उसमें अधिकतम 200 मीटर का अंतर होता है। खजान ने पुष्टि की कि जिन चार राइडर्स की आईडी बंद की गई है, वे दूसरों को काम करने से रोकते हैं, इसलिए उनकी आईडी दोबारा चालू नहीं की जाएगी। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी। अब दोनों पार्टियों की बात को सुनकर कंपनी की पॉलिसी के हिसाब से फैसला किया जाएगा। वो लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन करना चाहते हैं इसीलिए मौके प पहुंचे हैं। सांसद राघव चड्ढा ने उठाई थी आवाज कुछ दिन पहले ही सांसद राघव चड्ढा ने खुद एक राइडर बनकर डिलीवरी वालों का दर्द समझने की कोशिश की थी और सामान डिलीवर किया था। उन्होंने इससे पहले संसद में भी इनके हकों के लिए आवाज उठाई थी जिसके बाद कई कंपनियों ने हाल ही में 10 मिनट में डिलीवरी को हटा दिया था, लेकिन कल देर रात राइडर्स की समस्या ने जता दिया कि अभी भी बहुत सी समस्याएं इन्हें काम करने के बावजूद आती हैं जिसका कहीं कोई हल नहीं है।



