बीते दिसंबर सड़क हादसे में हुई थी बेटे की मौत, इंसाफ के लिए भटक रहा बुजुर्ग दंपत्ति
- DSS Admin
- Jun 11, 2026
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब में आम आदमी की त्वरित सुनवाई और पारदर्शी पुलिसिंग के बड़े-बड़े दावों के बीच अमृतसर से एक बेहद दर्दनाक और सिस्टम को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहां दिलबाग नगर गली नंबर 2 के रहने वाले एक बुजुर्ग दंपति अपने 25 वर्षीय जवान और इकलौते बेटे की मौत के बाद इंसाफ के लिए दफ्तरों के धक्के खाने को मजबूर हैं। पीड़ित मां सरबजीत कौर और पिता जोगिंदर सिंह का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। बुजुर्ग माता-पिता ने अब प्रशासन को चेतावनी दी है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आमरण अनशन और भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। पीड़ित मां सरबजीत कौर ने रोते हुए बताया कि उनका 25 साल का बेटा अंतरप्रीत सिंह गत 2 दिसंबर 2025 की सुबह रोज की तरह अपने घर से नौकरी के लिए निकला था। जैसे ही वह अमृतसर के गोल्डन गेट के नजदीक पहुंचा, तभी एक तेज रफ्तार 18 टायरी ट्राले ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि अंतरप्रीत की मौके पर ही मौत हो गई। वह पूरे घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। परिवार का आरोप है कि थाना मकबूलपुरा पुलिस ने जांच में उनकी रत्ती भर भी मदद नहीं की। हार मानकर बुजुर्ग माता-पिता ने खुद हादसे वाली जगह के चक्कर काटे, दुकानों से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई और पुलिस प्रशासन को सौंप दी। पीड़ित परिवार स्थानीय पुलिस स्टेशन से लेकर एडीसी (एडीसी) और पुलिस कमिश्नर दफ्तर का हर दरवाजा खटखटा चुका है, लेकिन हर जगह से उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन ही हाथ लगे। बुजुर्गों दंपत्ति ने कहा कि वह बुजुर्ग हो चुके हैं। इस उम्र में मेहनत-मजदूरी नहीं होती। अंतरप्रीत की कमाई से ही घर का चूल्हा जलता था। अब हमारे सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी पंजाब कहते हैं कि हमारी सरकार में तुरंत सुनवाई होती है, लेकिन हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

