स्टेशन पर कुरुक्षेत्र के युवक को जीआरपी कर्मियों ने कमरे में बंद करके पीटा, नाक रगड़वाई, ‌

विक्की कुमार | अमृतसर रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस (जीआरपी) यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए होती है मगर अमृतसर स्टेशन पर जीआरपी की बर्बरता और अवैध वसूली का मामला सामने आया है। कुरुक्षेत्र के पिहोवा निवासी रेशम सिंह के साथ स्टेशन पर तैनात जीआरपी के 2 एएसआई और एक कांस्टेबल ने न सिर्फ मारपीट की बल्कि नाक तक रगड़वाई। टॉयलेट में बंद करके गोली मारने की धमकी तक दी। युवक के बैग में निकली बीमारी की दवाइयों पर नशा तस्कर बताकर प्रताड़ित किया। युवक को ड्रग्स का झूठा केस बनाने की धमकी देकर 20 हजार रुपए मांगे। आरोप है कि उक्त मुलाजिमों ने साढ़े 8 हजार रुपए ऐंठ लिए। मामला 17 मई का है जिसका एक सीसीटीवी फुटेज और पीड़ित का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले ने रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं पीड़ित की शिकायत पर विजिलेंस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। ^मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान लिए जा रहे हैं। जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और पीड़ित को पूरा इंसाफ मिलेगा। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी। जो भी दोषी पाया गया उसे बख्शा नहीं जाएगा। -अमरविंदर सिंह, डीएसपी जीआरपी प्रताड़ना झेलने के बाद घर पहुंचकर पीड़ित ने हिम्मत जुटाई और रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139, जीआरपी के डीजीपी और मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद जांच शुरु हुई है। जीआरपी के कर्मियों ने उसे बयान दर्ज करवाने के लिए अमृतसर आने को कहा तो कहा कि उसे डर है और वह नहीं आ सकता। जीआरपी मुलाजिम 22 मई 2026 को उसके पास आए और सेटलमेंट करने के लिए कहने लगे। उस समय बयान दर्ज नहीं किया और चले गए। बाद में 3 जून 2026 को फिर आए और बयान दर्ज किए। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। उसके बाद विजिलेंस के पास शिकायत पहुंची और वहां से डीएसपी अनूप कुमार सैनी ने उन्हें बुलाया और बयान दर्ज करवाने के लिए कहा। पीड़ित उन्हें भी अपने बयान दर्ज करवा चुका है और इस सारे घटनाक्रम के बनाए गए वीडियो भी विजिलेंस को सौंप दिए हैं। विजिलेंस अब इस मामले की गंभीरता के साथ जांच कर रही है। पीड़ित का कहना है कि प्रताड़ना झेलने के बाद किसी तरह रात को दूसरी ट्रेन पकड़कर अपने घर पिहोवा पहुंचा। ज ब उसने रास्ते में अपना बैग चेक किया, तो उसके होश उड़ गए। बैग की जेब में रखे 3,700 रुपए भी चेकिंग के नाम पर उक्त पुलिस कर्मियों ने गायब कर दिए थे। कुल साढ़े़ 8 हजार रुपए धमकाकर ऐंठ लिए। पीड़ित रेशम सिंह निवासी पिहोवा (कुरुक्षेत्र) 17 मई को गुरुद्वारा शहीदां साहिब में नतमस्तक होने के बाद ट्रेन पकड़ने अमृतसर स्टेशन पहुंचे थे। वेटिंग हॉल के गेट पर तैनात एएसआई अजमेर सिंह और अवतार सिंह ने उन्हें रोका और थाने के पीछे सुनसान कमरे में ले गए। बैग की तलाशी में बीमारी की दवाइयां मिलने पर पुलिसकर्मी भड़क गए और उन्हें नशा तस्कर बताने लगे। पीड़ित ने डॉक्टर की पर्ची दिखाने की मिन्नतें कीं, लेकिन मुलाजिमों ने एक न सुनी। कमरे में ले जाकर रेशम की बेरहमी से पिटाई की गई, जमीन पर नाक तक रगड़वाई और 20 मिनट टॉयलेट में बंद रखा। पीड़ित के चीखने पर कांस्टेबल लव कुमार आया और कहा, "शोर मचाया तो गोली मार दूंगा। ड्रग्स का झूठा केस बन गया तो जूते घिस जाएंगे, बचना है तो 20 हजार दे। सौदा 5 हजार में तय हुआ। कैश न होने पर कांस्टेबल ने खुद ई-रिक्शा बुलाकर पीड़ित को जबरन बाहर के एटीएम भेजा। पासवर्ड रीसेट कर पीड़ित ने जैसे-तैसे 4,800 रुपए निकाले और पुलिसकर्मियों को सौंपे। इस खौफ और वसूली के चक्कर में शाम 6.25 की जननायक एक्सप्रेस भी छूट गई।