गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह जी में बेअदबी का प्रयास

भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री अकाल तख्त साहिब परिसर में स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह जी में बेअदबी करने के प्रयास का मामला सामने आया है। 10 जून की देर रात करीब 1 बजे गुरुद्वारा साहिब में सहारनपुर के अभय सिंह (32) ने बेअदबी करने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद सेवादारों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को तुरंत दबोच लिया। जानकारी के अनुसार, युवक ने पावन स्वरूप के पास पड़ी श्री सा​हिब को हाथ में ले लिया था। सेवादारों ने युवक को काबू कर पुलिस चौकी को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस युवक को पकड़कर चौकी में ले गई। इससे पहले ड्यूटी पर मौजूद सेवादार ने जब आरोपी से इस हरकत का कारण पूछा तो आरोपी ने कहा कि उसका सपना था कि वह तख्त पर पहुंच कर यहां रखे गुरु सा​िहब की श्री साहिब को एक बार हाथ में थामे। वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं लग रहा है लेकिन एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा है कि उक्त घटना को सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि सुबह भी पुलिस अधिकारियों को सूचित किया गया था लेकिन देर शाम तक आरोपी से न तो कोई पूछताछ की गई और न ही जांच करने के बाद केस दर्ज किया गया है। प्रधान धामी ने कहा के कुछ साल पहले भी एक आरोपी ने सचखंड श्री हरमंदर साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब के समीप लगे लोहे के बैरिकेड को पार करने के बाद पावन स्वरूप की बेअदबी करने का प्रयास किया था लेकिन उसे समय भी न तो जांच की गई कि आरोपी कौन है कहां से आया है । पुलिस ने कुछ भी पता लगाने का प्रयास नहीं किया। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सचखंड श्री हरमंदर साहिब कॉम्प्लेक्स में मौजूद गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह जी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की मौजूदगी में रखे श्री साहिब को उठाकर बेअदबी करने की एक व्यक्ति की कोशिश पर सवाल उठाया है और इसके पीछे काम कर रही ताकतों को बेनकाब करने को कहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे शरारती तत्वों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए, लेकिन सरकारें बेअदबी की घटनाओं को रोकने में नाकाम रही हैं। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि आरोपी कहां का है, इसकी जानकारी साफ नहीं हो सकी है क्योंकि उसके पास से कोई डॉक्यूमेंट या पहचान पत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के पास से कोई पहचान का कागज़ नहीं मिला, इससे पता चलता है कि यह घटना भी एक बड़ी साज़िश या शरारत का हिस्सा है जो सिख भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाने का काम कर रही है।